सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 21 फरवरी। शिक्षा को पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यवहारिक अनुभव से जोडऩे की दिशा में के.आर. टेक्निकल कॉलेज, संजय नगर द्वारा सराहनीय पहल की गई।
महाविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा विद्यार्थियों को तसर रेशम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराने के उद्देश्य से कोसा बीज केंद्र, अंबिकापुर में शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। यह भ्रमण विभागाध्यक्ष दीपशिखा अंबष्ट एवं सहायक प्राध्यापक आस्था पाठक के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। महाविद्यालय की निदेशक डॉ. रीनू जैन एवं प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को यह अवसर प्राप्त हुआ।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अर्जुन वृक्ष के रोपण से लेकर तसर रेशम कीट के पालन, कोकून निर्माण तथा कोकून से रेशम धागा निकालने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
केंद्र के विशेषज्ञों ने बताया कि तसर रेशम वन क्षेत्रों में पाए जाने वाले वृक्षों पर पाले जाने वाले रेशम कीटों से प्राप्त होता है, जो पूर्णत: प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद है। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक विधियों से कोकून से धागा निकालने और उसके वस्त्र निर्माण में उपयोग की जानकारी भी दी गई।
केंद्र के अधिकारियों ने तसर उद्योग की आर्थिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार का सशक्त माध्यम है। छत्तीसगढ़ में कोसा रेशम की विशिष्ट पहचान है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। विद्यार्थियों ने उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों, श्रम-आधारित प्रक्रियाओं और स्वरोजगार की संभावनाओं को निकट से समझा।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए ऐसे शैक्षणिक भ्रमण नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं, ताकि शिक्षा को समाज, उद्योग और रोजगार से जोड़ा जा सके। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, व्यावहारिक और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिससे उनका अकादमिक ज्ञान वास्तविक जीवन के अनुभव से और अधिक समृद्ध हुआ।


