सरगुजा
आकाशवाणी में उत्साह से मना रेडियो किसान दिवस
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,16 फरवरी। आकाशवाणी अंबिकापुर परिसर में रविवार को रेडियो किसान दिवस उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। यह आयोजन कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित रेडियो कार्यक्रम किसानवाणी की वर्षगांठ के अवसर पर किसानों के साथ आयोजित किया गया। किसान वाणी कार्यक्रम की शुरुआत 15 फरवरी 2004 को हुई थी, जिसका उद्देश्य रेडियो के माध्यम से किसानों तक नवीन कृषि तकनीक, नवाचार, मूल्य संवर्धन, पशुपालन, उद्यानिकी तथा विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं की उपयोगी जानकारी पहुंचाना है। इस पहल ने स्टूडियो और किसानों के खेत के बीच संवाद की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देवनारायण यादव जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं सभापति शिक्षा समिति, सरगुजा उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में दिव्या सिसोदिया सभापति, कृषि स्थायी समिति, जिला पंचायत सरगुजा मौजूद रहीं। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. संतोष सिंह, डॉ. केएल पैंकरा,डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. सीके मिश्रा, डॉ. प्रशांत शर्मा, डॉ. रूपेश सिंह, प्रगतिशील किसान नीलाभ शर्मा, अमितेज सिंह, अमलेन्दु मिश्रा,डॉ. अखिलेश लकड़ा, कृषक व कृषि व्यवसायी संजय गुप्ता उपस्थित रहे। आकाशवाणी अंबिकापुर के सहायक निदेशक कार्यक्रम प्रमेंद्र कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा रखी।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित किसानों में कल्पना घोष, गोविंद विश्वास, गजाला परवीन, अनिमा खेस, शांति देवी राजवाड़े, निर्मला बड़ा, हर्षित शुक्ला और नीलाभ शर्मा,अमितेज सिंह,संजय गुप्ता शामिल रहे।इसके अतिरिक्त ग्राम डुमकी के मोहन राम मिंज, होलसायं एवं महिला किसान जिला ,ग्राम अमड़ी के दुर्गा प्रसाद, अरविंद बेक, महासिंह, ग्राम सिलफिली के विक्रम सिंह, जगदेव राम, कवल बिहारी सिंह, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि किसान समाज एवं अर्थव्यवस्था की धुरी हैं और उनके बिना देश का आर्थिक विकास संभव नहीं है। रेडियो किसान दिवस जैसे आयोजन किसानों में ज्ञान-विस्तार, नवाचार अपनाने और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसान वाणी कार्यक्रम को कृषि ज्ञान के प्रसार का सशक्त माध्यम बताते हुए इसकी निरंतरता और विस्तार पर बल दिया।कार्यक्रम का संचालन चौपाल अनुभाग के प्रशांत खेमरिया ने हिंदी व अनंगपाल दीक्षित ने सरगुजिहा बोली में किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अंजनी पांडेय और देवेंद्र दास सोनवानी ने गीत एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सामूहिक गीत प्रस्तुति में पद्मनाभ शर्मा, डा शबनम खानम, एस धर्मेंद्र नायडू और तरुण चेनानी शामिल रहे।।


