सरगुजा

महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़े भक्त, 47वीं ऐतिहासिक शिव बारात बनी आकर्षण का केंद्र
15-Feb-2026 10:34 PM
महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़े भक्त, 47वीं ऐतिहासिक शिव बारात बनी आकर्षण का केंद्र

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर,15 फरवरी। नगर सहित पूरे जिले में महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष भी श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के अद्भुत संगम के साथ मनाया गया। शहर के प्रमुख शिवालयों और धार्मिक स्थलों पर दिनभर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर की सहेली गली से पारंपरिक 47वीं ऐतिहासिक शिव बारात धूमधाम से निकाली गई। यह बारात पिछले 47 वर्षों से लगातार निकाली जा रही है और शहर की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल हो चुकी है। भगवान शिव की आकर्षक झांकी, सुसज्जित रथ, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बारात मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान भोलेनाथ का स्वागत किया।

बारात से पूर्व महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए और हल्दी की रस्म अदा की। इन रस्मों ने आयोजन को पारंपरिक स्वरूप प्रदान किया। शिव विवाह की झांकी और पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तों की आस्था और उत्साह चरम पर रहा।

महाशिवरात्रि को लेकर शहर के शंकरघाट स्थित शिव मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। भक्त जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। सहेली गली और अन्य महादेव मंदिरों में भी दिनभर दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रही।

महाशिवरात्रि के अवसर पर देवगढ़, महेशपुर और आसपास के अन्य प्रमुख शिवधामों में भी विशेष आयोजन किए गए। देवगढ़ में तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया, जहाँ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।

पुलिस विभाग द्वारा प्रमुख मार्गों और मंदिर परिसरों में विशेष निगरानी रखी गई। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए रखी।

सुबह से लेकर देर शाम तक शहर में धार्मिक आस्था का अनूठा नजारा देखने को मिला। महाशिवरात्रि के इस पर्व ने एक बार फिर अंबिकापुर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जीवंत कर दिया। श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के संगम ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।


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