सरगुजा
अंबिकापुर, 24 फरवरी। भाजयुमो के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य वेदान्त तिवारी ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि बेरोजग़ारी भत्ता के नाम पर छग के बेरोजग़ार युवाओं के भावनाओं के साथ जो खिलवाड़ राज्य की भूपेश सरकार द्वारा किया जा रहा है, वह अक्षम्य है।
श्री तिवारी ने भत्ता प्रदान करने के मापदंड में तय नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि यदि राज्य के शिक्षित बेरोजग़ारों को 2500 रुपये भत्ता लेना है,तो उनके पूरे परिवार को बेरोजग़ार होना पड़ेगा, तभी उन्हें बेरोजग़ारी भत्ता मिलेगा। भत्ता के लिए सरकार ने जो मापदंड बनाये हैं उसमें परिवार का कोई भी सदस्य शासकीय या निजी कम्पनी में कार्यरत न हो, ऐसा होने पर भत्ता नहीं मिलेगा। वहीं, अन्य मापदंड यह भी है की 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि या समर्थन मूल्य पर 75 क्विंटल धान बेचने वाले परिवार के युवा भी बेरोजग़ारी भत्ता के लिए पात्र नहीं होंगे।
श्री तिवारी ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में छग के 10 लाख बेरोजग़ारों को प्रति माह 2500 रुपए बेरोजग़ारी भत्ता प्रदान करने का उल्लेख किया है, पर तय मापदंड में किसी भी युवा को लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। मापदंड में 2 साल पहले के रोजग़ार कार्यालय में पंजीयन अनिवार्य कहा गया है।कम से कम 12वीं पास सहित कई शर्तें हैं, इसका तात्पर्य यह है की भत्ता के लिए उसके पूरे परिवार का बेरोजग़ार होना पड़ेगा।
वेदान्त तिवारी ने कहा कि विधानसभा बजट में मुख्यमंत्री के बरोजग़ारी भत्ता प्रदान करने की घोषणा के बाद ही पूरे प्रदेश के लाखों युवाओं ने रोजग़ार कार्यालय में पंजीयन कराया है,जिन्हें नये मापदंड में 2 साल पूर्व के पंजीयन के तहत भत्ता नहीं मिल पायेगा।उन्होंने कहा कि सरकार भूल गयी है की 8 माह बाद चुनाव है!छत्तीसगढ़ के बेरोजग़ार युवा इस तानाशाही रवैये का जवाब ज़रूर देगी।


