सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर, 22 फरवरी। विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत तिरकेला पोटेखार में सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व मंगलवार को सरपंच संघ के सरपंचगण, पंचगण,जनपद सदस्यगण,आदिवासी समाज मुख्याओं के साथ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के आयोजक संचालक सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक अध्यक्ष सोमर साय बरवा के नेतृत्व में बैठक संपन्न हुआ, बैठक में आदिवासी समाज के साथ हो रहे अत्याचार पर विचार विमर्श के साथ साथ -पांचवीं अनुसूचित क्षेत्राधिकार, पंचायती राज अधिनियम,पेशा अधिनियम में एवं पांचवीं अनुसूचित को 1996 के प्रारुप के विपरीत लागू कर आदिवासियों के हक एवं अधिकार से जल ,जंगल,जमीन से बेदखल होने की समस्या जैसे कानून लाकर आदिवासी हित को दरकिनार करते हुए-विधानसभा-लोकसभा जैसे लोकतंत्र निर्माण जगहों पर आदिवासी विधायकों-संसदों के द्वारा अधिकारों की बात न रख पाने का कारणों के साथ कई अन्य आदिवासी समाज को शासन का लाभ न मिल पाने के कारण पर विस्तृत बहस पर चर्चा हुआ, जिसमें मुख्य प्रवक्ता-ब्लासियुस तिग्गा राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद छत्तीसगढ़ द्वारा विस्तार से जनमानस को जानकारी दी गई।
जहां सर्व आदिवासी समाज के लोगों के द्वारा अधिकारियों के समक्ष अपने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्यरूप से सोमर साय बरवा, नेवल कुुजूर, मनबहाल मिंज, आइजक कुजूर, दीपचंद कुजूर, बालमसाय, आनंद मझवार, बनस राम, रामलाल विजय टोप्पो, प्रदीप खेस्स, इंद्रदेव उर्रे, रोहन मुंडा, बंठू गोंड़,, चंदन गोंड़, मिठू खलखो एवं भारी संख्या में आदिवासी समाज के लोग इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी सहभागिता जताई।


