सरगुजा

लगता है सरगुजा से सीएम रूठे हैं, प्रेम दिवस पर निकालेंगे ‘मार्च ऑफ लव’-सडक़ सत्याग्रह
13-Feb-2023 8:11 PM
लगता है सरगुजा से सीएम रूठे हैं, प्रेम दिवस पर निकालेंगे ‘मार्च ऑफ लव’-सडक़ सत्याग्रह

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
अंबिकापुर,13 फरवरी।
अंबिकापुर नगर के प्रेस क्लब भवन में सडक़ सत्याग्रह के डॉ. योगेंद्र सिंह गहरवार ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विगत कई वर्षों से अम्बिकापुर शहर व सरगुजा संभाग सडक़ों व इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में पिछड़ा हुआ है। सडक़ सत्याग्रह की टीम लगातार विभिन्न आयोजनों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करती आ रही है।

सडक़ सत्याग्रह ने कहा कि सरगुजा संभाग कमाई, दवाई और पढ़ाई के लिए रायपुर बिलासपुर आदि पर आश्रित है। यह संभाग रेल सुविधा से भी वंचित है। इसलिए सडक़ें यहां की जीवन रेखा है। संभाग को रायपुर, रांची, बनारस जैसे मुख्य शहरों से जोडऩे वाली सडक़ें खराब है, और कई वर्षों से निर्माणाधीन है। इसी प्रकार संभाग की मुख्य शहर अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र की सडक़ों का भी बुरा हाल है। शहर में साधारण नागरिक सुविधा जैसे नागरिकों को टहलने के लिए पार्क बच्चों को खेलने के लिए मैदान आदि का भी घोर अभाव है। अंबिकापुर शहर उत्तरप्रदेश, झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश, बिहार आदि हेतु छत्तीसगढ़ का प्रवेश द्वार है।

 इसी प्रकार स्वच्छता में शहर को मिली उपलब्धियों की वजह से देश विदेश की एजेंसियां भी यहां दौरा करती है। आज जब विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल को देश देखना चाहता है, तब सरगुजा संभाग की सडक़ें विकास की कथा को और ही मोड़ देती हैं और बाहर से आने वाले लोग छत्तीसगढ़ मॉडल पर व्यंग्य करते हैं।

सडक़ सत्याग्रह की टीम ने कहा कि यह भी तथ्य है की सन 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल को एकतरफ़ा जीत दिलाने वाला एकमात्र संभाग सरगुजा संभाग ही है। भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाने में सरगुजा संभाग की जनता व विधायकों ने बहुत निर्णायक भूमिका निभाई है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री सरगुजा से रूठे हुए प्रतीत होते हैं। अम्बिकापुर शहर व संभाग की सडक़ समेत सभी प्राजेक्ट्स को रोका जा रहा है ऐसी धारणा लोक मानस में है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री जी हमसे रूठे हुए हैं, इसलिए इस प्रेम दिवस 14 फरवरी पर आम जनता का एक प्रेम मार्च , ‘मार्च ऑफ लव’ आयोजित कर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री से प्रेम का इज़हार करने का कार्यक्रम बनाया गया है। यह मार्च सुबह 10 बजे से ब्रह्मा मंदिर के पास से प्रारंभ होकर संगम चौक से कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचेगी। सडक़ सत्याग्रह की टीम ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस बजट में सरगुजा के सडक़ों की मरम्मत के लिए कम से कम 100 करोड़ रुपए की मांग की है। प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. योगेंद्र सिंह गहरवार के साथ-साथ सडक़ सत्याग्रह की टीम मौजूद थी।


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