सरगुजा
शहरवासियों को जोड़ महामाया द्वार का स्वरूप तय करने निर्णय
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,17 जनवरी। मंगलवार को नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक में शुरू से ही नगर की आस्था का केंद्र मां महामाया मंदिर के भव्य द्वार बनाए जाने को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच बहस हुई।
महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि पक्ष विपक्ष के द्वारा जो निधि दी गई है उससे फिलहाल लोहे का गेट बना दिया जाए। बाद में शासन के द्वारा स्वीकृति मिलने पर भव्य महामाया द्वार बनाया जाएगा। इस बात पर विपक्ष ने आपत्ति दर्ज करते हुए जारी की गई निविदा को रोके जाने की बात कही।
नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज व पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि लोगों की आस्था का केंद्र महामाया द्वार को भव्य बनना चाहिए। लोहे के द्वार के लिए जो पैसे लगाए जाने हैं, उसे फिलहाल ना लगा कर और राशि एकत्र की जाए ताकि महामाया द्वार ज्यादा भव्य बनाया जा सके। चुकि महामाया द्वार को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों के ही राय थी कि वह भव्य बनना चाहिए इसे लेकर काफी बहस के बाद शहरवासियों व सीनियर सिटीजन को जोडक़र महामाया द्वार का स्वरूप तय करने पर निर्णय लिया गया।
बैठक में पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने आरोप लगाया कि महामाया मंदिर के पीछे महामाया तालाब भी है लेकिन विगत 8 वर्षों में उसके सौंदरीकरण के लिए सत्ता पक्ष के द्वारा कोई पहल नहीं की गई। इस बात पर महापौर डॉ अजय तिर्की ने तंज कसते हुए कहा कि सोच सोच में क्या फर्क है यह दिखाई देता है। महामाया तालाब उनकी प्राथमिकता में शामिल है। उसके सौंदरीकरण के लिए उसे अमृत टू योजना में शामिल किया गया है। फरवरी के आखिर तक उसका सैंक्शन भी आ जाएगा।
सामान्य सभा के दौरान पार्षद अलोक दुबे द्वारा ननि में जनवरी से दिसंबर 2022 तक एक वर्ष में सडक़ निर्माण व मरम्मत के लिए आई राशि व सडक़ निर्माण में लापरवाही पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। जिसपर लोनिवि प्रभारी शफी अहमद ने कहा कि ननि को एक वर्ष 7 व 5 करोड़ मिलकर दो किश्त में 12 करोड़ रुपए मिले जिनसे निर्माण कार्य कराए जा रहे है। वहीं उन्होंने बताया कि डामरीकरण को एडजस्ट होने में 72 घंटे का समय लगता है। इस दौरान यदि कोई डामर को उखाड़ेगा तो वह उखड़ जाएगा। इसके साथ ही डामर के हाथ से उखडऩे का वायरल वीडियो ननि की सडक़ का नहीं है बल्कि लोनिवि की सडक़ का था। लोनिवि व एनएच की सडक़ पर शिकायत मिलने पर तत्काल विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
इसके साथ ही दरोगा कुंआ के पास जो सडक़ उखडऩे की शिकायत मिली थी उसकी जांच कराई गई और ठेकेदार को नोटिस जारी कर उसका भुगतान रोका गया।
कार्रवाई के कारण ही ठेकेदार पांच करोड़ का शेष कार्य करने से भाग रहे है। इसके लिए टेंडर को निरस्त कर नए सिरे से टेंडर किया गया है और ठेकेदार को अमानत राशि भी जब्त की गई है। पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने सवाल उठाया कि टेंडर में सेंसर पेवर से सडक़ का काम करने का प्रावधान होता है लेकिन काम मैनुअल पेवर से कराया जाता है इस लिए ननि के इंजीनियरों को यह देखना चाहिए कि वे सेंसर पेवर से काम कराए और ऐसा नहीं होता है तो ठेकेदार व इंजीनियर पर कार्रवाई हो।
लोगों के लिए आए चार प्रस्ताव
आज नगर निगम की सामान्य सभा में नगर निगम के अपने लोगो का प्रस्ताव रखा गया। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि ननि का लोगो बनाने के लिए नागरिकों से सुझाव मांगे गए थे और अब तक चार सुझाव निगम के पास आए।
इस दौरान सत्ता पक्ष व विपक्ष के पार्षदों ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से प्रचार प्रसार कर अन्य सुझाव भी मंगवाने की बात कही गई। ऐसे में सभापति अजय अग्रवाल ने लोगो के निर्धारण हेतु अन्य नागरिकों से भी सुझाव मंगवाने और सुझाव नहीं आने की स्थिति में पुन: इन चार लोगो में से एक का चयन करने की बात कही गई।
अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग
विपक्ष के पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने शहर में अवैध कब्जे व सडक़ों पर किए जा रहे अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज शहर में जिस हिसाब से अतिक्रमण हो रहे है उसपर रोक लगाई जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए। कार्रवाई करने जाने पर किसी भी जनप्रतिनिधि का फोन कर्मचारी के पास ना जाए। शहर में जमीन पर हो रहे कब्जे के कारण निगम के पास भूमि नहीं बची है और बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान तक नहीं बना पाए है।
लोनिवि प्रभारी शफी अहमद ने कहा कि नगर निगम अतिक्रमण को लेकर गंभीर है और कार्रवाई भी की जा रही है। इसके साथ ही निगम द्वारा अब तक 42 भूमि का चिन्हांकन किया गया और इनमें से कुछ भूमि ननि को आबंटित हो गए है जबकि कुछ प्रक्रियाधीन है। हालांकि कुछ भूमि के आबंटन को निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जमीन आबंटन से पहले अनापत्ति के लिए जो आवेदन आते है उन्हें पहले सामान्य सभा में पेश किया जाए और सामान्य सभा से अनुमति के बाद ही अनापत्ति दी जाए। जिस पर सभापति श्री अग्रवाल ने भी सहमति जाहिर की।


