सरगुजा
किसान मजदूर संगठन ने की मांग, कहा कुपोषण खत्म करने मिलेगी मदद
अंडा दो अभियान में ओडिशा-बिहार के कार्यकर्ता व डॉक्टर भी हुए शामिल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 9 जनवरी। रविवार को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से मिलने के बाद सामूहिक किसान मजदूर संगठन ने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग जाकर अपनी मांगों को रखा।‘अंडा दो अभियान’ के तहत आंगनबाड़ी और स्कूल के भोजन में अंडे शामिल करने की मांग की गई। ओडिशा एवं बिहार के कार्यकर्ता व डॉक्टर भी बच्चों के समर्थन में शामिल हुए।
ज्ञापन देने के बाद पत्रकारों से मिलकर संगठन ने कहा कि सरगुजा में कुपोषण की जो बढ़ती हुई दर है, उसे भी कंट्रोल करने में अंडा सहायक होगा। पोषण एक अधिकार है और इसे किसी भी कारण से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर संगठन के संयोजक गंगाराम पैकरा ने कहा, बच्चों और माता-पिता को यह चुनने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए कि वे अंडे का सेवन करना चाहते हैं या नहीं।
संगठन ने ज्ञापन में मांग करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी में, 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों को सप्ताह में कम से कम 5 दिन अंडे दिए जाने चाहिए।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और 6 महीने से 3 साल की उम्र के बच्चों को सप्ताह में 3 दिनों के लिए टेक होम राशन के रूप में अंडे दिए जाने चाहिए। एमडीएम में, हर सप्ताह कम से कम दो दिन अंडे की मांग की गई।
बताया गया कि अंडा दो अभियान की शुरुआत 170 आंगनबाड़ी केंद्रों और 414 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का एक सर्वेक्षण के बाद की गई है। आंगनबाड़ी व मध्याह्न भोजन योजना के कार्यान्वयन का सर्वेक्षण किया गया था।

सर्वेक्षण आंगनबाडिय़ों और स्कूलों में भोजन के पोषण मूल्य की जानकारी इक_ा करने के उद्देश्य से किया गया, साथ ही भोजन की विविधता और टेक-होम-राशन की नियमितता का अध्ययन भी किया गया।
इस दौरान संगठन से जुड़े डॉ. वसुंधरा, डॉ. चैतन्य मलिक, नताशा, विपुल, राजशेखर, गंगाराम पैकरा सहित अन्य मौजूद थे।


