सरगुजा

कोहरे और हवा के एक साथ होने से बढ़ी ठिठुरन, दृश्यता 500 मीटर तक सिमटी
02-Jan-2023 8:09 PM
कोहरे और हवा के एक साथ होने से बढ़ी ठिठुरन, दृश्यता 500 मीटर तक सिमटी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 2 दिसंबर। मौसम साफ होते ही एक बार फिर सरगुजा में ठंड तेज होने का अनुमान है। सोमवार की सुबह 9 बजे तक कोहरा छाया हुआ था। शहर के आसपास के इलाकों में कोहरा और हवा एक साथ होने के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड महसूस हुई। लोग अलाव जलाकर हाथ पैर सेकते नजर आए। ठिठुरन अचानक बढ़ गई, धूप निकली तो लोग धूप में बैठे नजर आ रहे हैं।

सोमवार को सीजन का पहला घना कोहरा वातावरण में देखा गया। दृश्यता लगभग 500 मीटर तक सिमटी रही। सरगुजा में जनवरी में सर्वाधिक ठंड पड़ती है। इसका एहसास भी दूसरे दिन हो गया है।

मौसम विज्ञानी ए एम भट्ट के अनुसार घना कोहरा मतलब स्थानीय भूसतही  वायुमण्डल का संतृप्त हो जाना। संतृप्त वायु में आर्द्रता की मात्रा 100 प्रतिशत हो जाती है जिससे उसमें और अधिक जल वाष्प कणों को धारण करने की क्षमता समाप्त हो जाती है जिससे संघनन की क्रिया प्रारम्भ होती है और वायुमण्डल के जलवाष्प का द्रवीकरण होने लगता है  जो ओस के रूप में धरातल पर दिखता है।

मौसम में सुबह अधिक नमी निरंतर रहने का अनुमान है। स्कूलों के लगने का समय जरूर बढ़ा दिया गया है परंतु वातावरण में ठिठुरन रहने की वजह से छोटे-छोटे बच्चे काफी परेशान हैं। श्री भट्ट ने बताया कि उत्तर छत्तीसगढ़ में दिसंबर और जनवरी माह में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इस दौरान घना कोहरा छाने और विक्षोभ के कारण बादल भी आ सकते हैं जिससे तापमान गिरता है। कोहरा और बादल फटने के बाद तापमान में एकाएक गिरावट आती है और हिमालयन क्षेत्र से बर्फीली हवा चलने के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ में तापमान पांच से भी कम पहुंच जाता है। पाट इलाके में जलजमाव की स्थिति भी बन सकती है।लोगों को इन दो माह में अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत भी पड़ेगी।


अन्य पोस्ट