सरगुजा
न्याय नहीं मिला तो करेंगे प्रदर्शन- उदय पंडो
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 27 दिसंबर। युवा आदिवासी पत्रकार सुशील बखला के खिलाफ सत्ता पक्ष के दबाव में हुई कोतवाली थाना में द्वेषपूर्वक कार्रवाई के विरोध में दूसरे दिन भी पत्रकार अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहे।
धरना के दूसरे दिन पीडि़त पत्रकार सुशील बखला को विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समाज का भी समर्थन मिला। विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रदेश अध्यक्ष उदय पंडो ने पत्रकार के साथ हुई घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पत्रकार जनसरोकार के लिए बिना भेदभाव के मुद्दा उठाते हैं। ऐसे में आदिवासी पत्रकार सुशील बखला के साथ हुई द्वेषपूर्वक कार्यवाही का पंडो समाज विरोध करता हैं।
वहीं उदय पंडो ने कहा कि यदि पीडि़त पत्रकार को न्याय नहीं मिलता है, तो पिछड़ी जनजाति पंडो समाज पत्रकार के समर्थन में कंधा से कंधा मिलाकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होगा।
ज्ञात हो कि सरगुजा में विगत दिनों इलेक्ट्रिकल मीडिया के पत्रकार सुशील कुमार बखला को इरफ़ान सिद्धकी ने जातिसूचक और भद्दी-भद्दी गाली देकर जान से मारे की धमकी बस इस बात को लेकर दी थी कि पत्रकार सुशील बखला बतौली के चिरंगा स्थित विवादित माँ कुदरगढ़ी एल्युमिनियम रिफाइनरी फैक्ट्री का खबर बनाने पहुंचे थे।
इधर, पीडि़त पत्रकार सुशील बखला की शिकायत पर अंबिकापुर अजाक पुलिस ने आरोपी इरफान सिद्धकी के खिलाफ एक्ट्रोसिटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया है। लेकिन इस मामले में अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जबकि कोतवाली पुलिस ने पीडि़त सुशील बखला पर दबाव बनाने की नियत से उलट पत्रकार पर ही आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
धरना पर बैठे पत्रकारों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाए, साथ ही पत्रकार सुशील बखला के खिलाफ कोतवाली थाना में आईटी एक्ट के तहत हुई द्वेषपूर्वक एफआईआर को वापस लिया जाए, इसके अलावा पत्रकारों की मांग है कि आरोपी इरफान सिद्धकी का मां कुदरगढ़ी एल्युमुनिया फैक्ट्री से क्या संबंध है सरकार इसे भी स्पष्ट करे। वही पत्रकारों का कहना है कि जबतक मांग को पूरा नहीं किया जायेगा तबतक यह धरना अनवरत जारी रहेगा।


