सरगुजा
अम्बिकापुर,22 दिसंबर। जनजाति सुरक्षा मंच, सरगुजा द्वारा अंबिकापुर के घड़ी चौक में झारखंड में नृशंस हत्या की शिकार जनजाति समुदाय की युवती के हत्यारों दिलदार अंसारी एवं अन्य को फांसी की सजा दिए जाने एवं धर्मांतरण पर कठोर केंद्रीय कानून की माँग को लेकर कैंडल मार्च एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
जनजाति समाज इस घटना से आहत एवं आक्रोशित है, इसको लेकर जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा देश के सभी जिला मुख्यालयों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिल्ली में श्रद्धा की हत्या के बाद इस तरह की घटनाओं में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
जनजाति सुरक्षा मंच के वक्ताओं ने कहा कि जनजाति बहुल क्षेत्रों में धर्मांतरण के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं, यह बहुत चिंताजनक है। रुबिका पहाडिय़ा का मामला भी बहुत गंभीर है, हत्यारे दिलदार अंसारी जो पहले से ही शादीशुदा था, लेकिन सुनियोजित तरीके से झूठे प्रेम जाल में फंसाकर जनजाति पहाडिय़ा लडक़ी को डराकर धमकाकर शादी किया, हत्यारों द्वारा जबरन धर्म परिवर्तन करने का प्रयास किया गया, धर्म परिवर्तन नहीं करने के कारण पूरे परिवार के लोग मिलकर नृशंस हत्या कर दी गई।
इस कैंडल मार्च के कार्यक्रम में बिहारीलाल उरांव, इन्दर भगत, वैभव सुरंगे, शिवराम कृष्ण, अभय पालोरकर, देवनारायण भगत, श्रीराम भगत, निशिकांत भगत, गोपाल राम, दिलीप एक्का, अंकित तिर्की, विनोद हर्ष, उपेन्द्र गुप्ता, अंकुश सिंह, राजकिशोर खलखो, दारा सिंह, हिमांशु गर्ग, शक्ति सिंह, चंद्रशेखर, बुधमेत कुजूर, उमेश किस्पोट्टा, अवधेश केरकेट्टा, अनुज खेस, दीपक किस्पोट्टा, दीपू, अभिमन्यु सिंह, अमरेश आदि उपस्थित रहे।


