सरगुजा
छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के स्वयंसेवक एवं प्रचारक हुए शामिल
छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मानी जा रही है यह महत्वपूर्ण बैठक
संघ कैसे घर-घर तक पहुंचे रणनीति हुई तैयार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,16 नवंबर। दो दिवसीय दौरे पर सरगुजा जिला के अंबिकापुर में पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को सरस्वती महाविद्यालय में छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के स्वयंसेवकों एवं प्रचारकों की महत्वपूर्ण बैठक ली।
विश्वस्त सूत्रों की माने तो यह बैठक सुबह 10 बजे प्रारंभ हुई और देर रात तक चलती रही। कई दौर की इस बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों एवं प्रचारकों के साथ कैसे आम लोगों के घर-घर तक और हिंदुत्व परिवार संघ तक पहुंचे, इस हेतु रणनीति तैयार की गई।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ सर कार्यवाहक मोहन वैद्य, राष्ट्रीय पदाधिकारी अनिल डागा, क्षेत्रीय प्रचारक दीपक बिसपूते एवं 7 राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ मध्य प्रांत के प्रचारकों एवं संघ चालकों की बैठक हुई है। इस बैठक में केवल संघ चालकों एवं प्रचारकों को ही आमंत्रित किया गया था। भाजपा के कोई भी बड़े नेता इस बैठक में शामिल नहीं हुए। आरएसएस प्रमुख के इस बैठक को लेकर राजनीतिक खेमे में हलचल है और राजनीतिक पार्टियां कई तरह के कयास लगा रही हैं।
गौरतलब है कि आगामी 2023 में छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव है, इसके अलावा 2024 में लोकसभा चुनाव भी होना है, इसलिए इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में खासकर सरगुजा को लेकर यह बैठक और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि उत्तर छत्तीसगढ़ में भाजपा को 2018 के विधानसभा चुनाव में करारी मात मिली थी। ऐसे में आरएसएस प्रमुख का सरगुजा आगमन एवं एक ही दिन में लगातार कई दौर का बैठक लेना किसी विशेष रणनीति की ओर इशारा कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के कुल 60 स्वयंसेवको एवं प्रचारकों को ही बुलाया गया है और इसमें 7 राष्ट्रीय पदाधिकारी भी सम्मिलित हुए हैं। प्रात: 10 बजे से अलग-अलग समय में स्वयंसेवकों एवं प्रचारकों की देर शाम 9 बजे तक बैठक चलने की खबर है।


