सूरजपुर

जनपद उपाध्यक्ष पर अतिक्रमण और शपथ पत्र में तथ्य छुपाने का आरोप, सदस्यता समाप्त करने की मांग
03-Jun-2026 8:06 PM
जनपद उपाध्यक्ष पर अतिक्रमण और शपथ पत्र में तथ्य छुपाने का आरोप, सदस्यता समाप्त करने की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर, 3 जून। जनपद पंचायत सूरजपुर के क्षेत्र क्रमांक-21 से निर्वाचित जनपद सदस्य एवं वर्तमान जनपद उपाध्यक्ष मनमथ कुमार बछाड़ की सदस्यता को लेकर नया विवाद सामने आया है। असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव तपन सिकदार ने कलेक्टर सूरजपुर को शिकायत सौंपकर जनप्रतिनिधि पर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने तथा चुनावी शपथ पत्र में महत्वपूर्ण जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है। शिकायत में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 36 के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने और छह वर्ष तक चुनाव लडऩे से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।

शिकायत के अनुसार मनमथ कुमार बछाड़, निवासी नवापारा रविंद्रनगर, वर्तमान में जनपद पंचायत सूरजपुर के सदस्य एवं उपाध्यक्ष हैं। शिकायतकर्ता ने तहसीलदार न्यायालय लटोरी के एक राजस्व प्रकरण का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 में पारित आदेश में खसरा नंबर 97 की शासकीय भूमि पर मकान बनाकर अतिक्रमण किए जाने का उल्लेख है। आरोप है कि इसी प्रकरण में उनकी पत्नी ब्यूटी बछाड़ के विरुद्ध भी शासकीय भूमि पर मकान-बाड़ी बनाकर कब्जा करने का उल्लेख किया गया था।

शिकायत में कहा गया है कि संबंधित भूमि भारत सरकार के पुनर्वास विभाग की भूमि तथा छोटे झाड़ के जंगल की श्रेणी में दर्ज है। साथ ही 5 मार्च 2021 को तैयार किए गए पंचनामा का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि पटवारी, राजस्व निरीक्षक और ग्रामवासियों ने मौके पर अतिक्रमण की पुष्टि की थी।

तपन सिकदार ने 14 जुलाई 2021 को तहसीलदार न्यायालय के समक्ष दिए गए कथित शपथपूर्वक बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि मनमथ बछाड़ ने स्वयं शासकीय भूमि पर मकान-बाड़ी बनाकर कब्जा किए जाने की बात स्वीकार की थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि चुनाव नामांकन के दौरान प्रस्तुत शपथ पत्र में इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा थाना जयनगर में दर्ज एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) का उल्लेख न करते हुए शपथ पत्र में उसे निरंक दर्शाया गया, जिससे मतदाताओं और निर्वाचन प्रक्रिया के समक्ष वास्तविक तथ्य छुपाए गए।

शिकायतकर्ता ने कलेक्टर सूरजपुर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर मनमथ कुमार बछाड़ की सदस्यता समाप्त करने, छह वर्ष तक चुनाव लडऩे से अयोग्य घोषित करने और आवश्यक आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की है।

जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष से जुड़ा होने के कारण यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

आरोपों को बताया निराधार

वहीं, जनपद उपाध्यक्ष मनमथ बछाड़ ने सभी आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि संबंधित जमीन की विधिवत खरीददारी की गई है और उसके राजस्व दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से यह शिकायत की गई है।

मनमथ बछाड़ ने कहा कि शिकायतकर्ता और उसके सहयोगी पूर्व में भी उनके खिलाफ इस तरह की साजिशें रचते रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी और लगाए गए आरोप गलत साबित होंगे।


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