सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 15 फरवरी। जगन्नाथपुर ओसीपी में 15 जनवरी 2026 को सामने आए कथित कोयला चोरी प्रकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पांच केंद्रीय श्रमिक संगठनों—एचएमएस, बीएमएस, इंटक, एटक और सीटू—ने संयुक्त रूप से चौकी खडग़वां (थाना प्रतापपुर) को ज्ञापन सौंपकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
संगठनों का आरोप है कि खडग़वां पुलिस चौकी ने मामले में केवल कर्मचारियों पर एकतरफा कार्रवाई की है, जबकि खदान में कोयला प्रेषण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित एसओपी के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त जिम्मेदारी में संचालित होती है। ज्ञापन में कहा गया है कि वाहन एंट्री, बूम बैरियर, चेक पोस्ट, लोडिंग, कांटा (वजन) और निकासी तक हर स्तर पर अधिकारियों की भूमिका रहती है, ऐसे में जांच सभी स्तरों तक होनी चाहिए।
श्रमिक संगठनों के अनुसार 14 फरवरी को दो कांटा लिपिकों को बयान के लिए बुलाया गया और देर शाम उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि विभागीय जांच में अब तक दोष सिद्ध नहीं हुआ है। इस कार्रवाई से कर्मचारियों में भय और आक्रोश का माहौल बताया जा रहा है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक सूरजपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को भेजी गई है। संगठनों ने एसपी से निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई हो और निर्दोष कर्मचारियों को राहत मिल सके।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि एकतरफा कार्रवाई पर रोक नहीं लगी तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। वहीं, कुछ प्रबुद्धजनों ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।


