सूरजपुर

जिला प्रशासन की योजनाओं के प्रचार के लिए छपी किताबें कचरे के ढेर में
06-Jun-2022 8:20 PM
जिला प्रशासन की योजनाओं के प्रचार के लिए छपी किताबें कचरे के ढेर में

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
प्रतापपुर, 6 जून।
डीएमएफ के दुरुपयोग का मामला कोई नया नहीं है। जिला अधिकारी के द्वारा उक्त मद में प्राप्त राशि का व्यय मनमाने ढंग से किया जा रहा है। जबकि केन्द्र सरकार के द्वारा निर्णय लिया गया है कि डीएमएफ राशि का उपयोग खनन प्रभावित ग्रामों के विकास के लिए खर्च किया जाएगा, लेकिन सूरजपुर जिले नजारा कुछ और ही है।

ताजा मामला जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा छपवाए गए कैरियर गाईड पुस्तिका, जिला प्रशासन की डायरेक्टरी व योजनाओं की प्रचार के लिए पुस्तिका का है। छपाने के लिए जिला खनिज न्यास मद से जिला प्रशासन द्वारा 55 लाख रुपए स्वीकृत किया गया। किताब छपवाने की जिम्मेदारी जिला महिला बाल विकास अधिकारी को दी गई थी। पुस्तिका छपी भी, लेकिन इसका उपयोग शून्य है।

जिले के सभी जनपदों में इस पुस्तिका का वितरण किया तो गया है लेकिन न किसी जनप्रतिनिधि न बच्चों तक किताबे पहुंच पाई हैं। आलम यह है कि इन किताबों को जनपदों में लाकर एक कोने में ढेर कर दिया गया है जो धूल खा रही है।

इस संबंध में जिला महिला बाल विकास अधिकारी जो क्रियान्वयन एजेंसी है, उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनके द्वारा इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया गया।  इस संबंध में जनपद अध्यक्ष जगत लाल आयाम ने  राशि के दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।


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