सुकमा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सुकमा, 26 फरवरी। सुकमा जिले में गुरुवार को मनरेगा बचाओ संग्राम के बैनर तले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी ने किया। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने मनरेगा में कथित बदलावों और नाम परिवर्तन के विरोध में नारेबाजी की।
सुबह से ही शहर के विभिन्न हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ता झंडे-बैनर के साथ रैली निकालते हुए कलेक्टोरेट पहुंचे। प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी और मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल तैनात था।
कलेक्टोरेट पहुंचने पर पुलिस ने रैली को आगे बढऩे से रोका, जिससे कुछ देर के लिए हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। हालांकि, हरीश कवासी ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार अंबर गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा के मूल स्वरूप को बनाए रखने और मजदूरों के हितों की सुरक्षा की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आदिवासी और नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण सुकमा में मनरेगा ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आजीविका का साधन रहा है। उनका दावा है कि योजना में किसी भी प्रकार की कमजोरी का सीधा असर गरीब और आदिवासी समुदाय पर पड़ेगा।
कवासी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को ब्लॉक और जिला स्तर पर और व्यापक किया जाएगा तथा आवश्यकता पडऩे पर राज्यव्यापी स्तर पर भी ले जाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन सतर्क रहा। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद कार्यकर्ता शांतिपूर्वक लौट गए। तहसीलदार अंबर गुप्ता ने ज्ञापन स्वीकार कर उसे शासन स्तर तक भेजने का आश्वासन दिया।


