सुकमा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सुकमा, 22 जनवरी। बस्तर जिला के करंजी गांव, विकासखंड लोहंडीगुड़ा, थाना परपा क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेंद्र भवानी ने 21 जनवरी को बयान जारी कर आरोप लगाए हैं कि स्वयं को ग्राम करंजी वन समिति का सदस्य बताने वाले कुछ लोगों द्वारा पांच परिवारों की भूमि में जबरन प्रवेश कर विवाद उत्पन्न किया गया।
नरेंद्र भवानी के अनुसार, आरोपित सात लोग कथित रूप से भूमि पर खुदाई कर निर्माण का प्रयास कर रहे थे। जब वहां निवास कर रहे परिवारों ने यह कहते हुए विरोध किया कि उक्त भूमि पर वे लंबे समय से काबिज हैं, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान मारपीट हुई, जिसमें एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट आई और टांके लगाए गए, वहीं एक अन्य व्यक्ति के पैर में फ्रैक्चर बताया गया है। दूसरी ओर, दूसरे पक्ष के लोगों को भी चोटें आने की बात कही गई है।
भवानी का कहना है कि संबंधित भूमि को लेकर मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद इस प्रकार की कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वयं को वन समिति का सदस्य बताने वाले लोगों द्वारा कानून को हाथ में लिया गया, जो जांच का विषय है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित परिवार पिछले लगभग 45 वर्षों से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं और वहां खेती व पौधारोपण किया गया है। उनके अनुसार, पूर्व में भी बिना नोटिस कार्रवाई, घर तोडऩे का प्रयास तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं की शिकायत की जा चुकी है, जिन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नरेंद्र भवानी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिसमें वन विभाग और थाना परपा की भूमिका की भी समीक्षा हो।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे वन विभाग के घेराव का कार्यक्रम करेंगे। यह बयान उन्होंने अपने संगठन की ओर से दिया है।
फिलहाल, भूमि विवाद और मारपीट से जुड़ा यह मामला संबंधित न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस की ओर से इस प्रकरण में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।


