सुकमा
शंकराचार्य से दुव्र्यवहार पर कांग्रेस का हमला, जांच की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सुकमा, 21 जनवरी। उत्तर प्रदेश में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्यों के साथ हुए कथित दुव्र्यवहार को लेकर जिला मुख्यालय सुकमा में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीश कवासी लखमा ने संबोधित किया।
हरीश कवासी लखमा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि माघ मेले के दौरान आस्था की डुबकी लगाने गए साधु-संतों के बीच प्रशासन द्वारा शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ किया गया व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस घटनाक्रम का विरोध करती है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी धर्म के नाम पर राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य के शिष्यों के साथ जो व्यवहार किया गया, उससे आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। लखमा ने यह भी कहा कि यदि हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अनेक संगठन हैं, तो इस घटनाक्रम के बाद उनकी प्रतिक्रिया सामने आनी चाहिए।
हरीश कवासी लखमा ने दावा किया कि शंकराचार्य के शिष्यों के साथ कथित रूप से बदसलूकी की गई और यह मामला केवल किसी एक संत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े अनुयायियों की भावनाओं पर भी असर पड़ा है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने इस प्रकरण में सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।


