सुकमा
हितग्राहियों ने जताया सीएम के प्रति आभार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सुकमा, 22 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण अंचलों में भी उजाला और समृद्धि की नई किरण बनकर पहुंच रही है। सुकमा जिला मुख्यालय के कुम्हाररास गांव के निवासी श्री दिनेश पाल का घर अब सौर ऊर्जा से जगमगा रहा है।
दिनेश पाल ने अपने घर में 3 किलोवाट की सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की है, जिससे उनके बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। पहले जहां उन्हें हर महीने 1600 से 1700 रु. तक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था, अब यह घटकर मात्र 400 से 500 रु. रह गया है। यह सोलर इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ इनोवेशन कंपनी के माध्यम से किया गया।
पाल ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों से मिली। तत्पश्चात उन्होंने स्थानीय विद्युत कार्यालय से जानकारी लेकर आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें बैंक से ऋण प्राप्त हुआ तथा सरकार की ओर से 78,000 की सब्सिडी भी प्रदान की गई, जिससे सोलर यूनिट लगाने में बड़ी मदद मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम जनता के लिए आर्थिक रूप से अत्यंत लाभकारी है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपए तक का अतिरिक्त राज्य अनुदान दे रही है। योजना के तहत सोलर रूफ-टॉप संयंत्र को विद्युत ग्रिड से नेट मीटरिंग प्रणाली के माध्यम से जोड़ा जाता है। इससे उपभोक्ता अपनी आवश्यकता से अधिक बिजली उत्पन्न कर ग्रिड को बेच सकते हैं। इस प्रकार, न केवल बिजली बिल शून्य होता है बल्कि अतिरिक्त आय का स्रोत भी बनता है।
जिला प्रशासन की सक्रिय पहल
सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य नागरिकों को सौर ऊर्जा का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है। इससे न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आज जन-जन तक पहुंचकर ऊर्जा सशक्तिकरण, आर्थिक बचत और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में एक नई ऊर्जा क्रांति का प्रतीक बन रही है।
सब्सिडी का विस्तृत प्रावधान
1 किलोवाट सोलर प्लांट पर 30,000 (केंद्र) + 15,000 (राज्य) = 45,000
2 किलोवाट सोलर प्लांट पर 60,000 (केंद्र) + 30,000 (राज्य) = 90,000
3 किलोवाट सोलर प्लांट पर 78,000 (केंद्र) + 30,000 (राज्य) = 1,08,000


