सारंगढ़-बिलाईगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 23 फरवरी। पीआरपी (पीयर रिसोर्स पर्सन) महिला स्वसहायता समूह भारती धीवर को हटाने की मांग को लेकर जनपद परिसर में हुए धरने के बाद अब मामला और गरमा गया है। हटाने की मांग के विरोध में जिले के तीनों ब्लॉक सारंगढ़, बरमकेला और बिलाईगढ़ से बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूह की कार्यकर्ता सारंगढ़ पहुंचीं और खुलकर समर्थन जताया।
यह प्रदर्शन जिला पंचायत सभापति संतोषी अरविंद खटकर के नेतृत्व में हुआ, जिसमें महिलाओं ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। महिला समूह की कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारती धीवर का व्यवहार हमेशा सहयोगात्मक रहा है और उन्होंने क्लस्टर स्तर पर समूहों के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया है। महिलाओं का कहना है कि बिना जांच किसी को हटाने की मांग करना उचित नहीं है और इससे समूहों के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इस दौरान कोसीर क्लस्टर की सचिव इन्द्राणी वर्मा, सक्रिय महिला मंजू जायसवाल एवं सक्रिय महिला फूलमत कौशले सहित अन्य महिला कार्यकर्ताओं ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर पीआरपी का कार्य संतोषजनक रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसी भी प्रकार की शिकायत की स्वतंत्र व पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। जिला पंचायत सदस्य संतोषी अरविंद खटकर ने कहा कि महिला समूह विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
उन्होंने कलेक्टर से निवेदन करते हुए मांग रखी कि पीआरपी को वर्तमान क्लस्टर में ही कार्य करने दिया जाए, जिससे स्व-सहायता समूहों की गतिविधियां बाधित न हों। महिला समूहों ने यह भी कहा कि जनपद में हुए धरने से अनावश्यक विवाद और भ्रम की स्थिति बनी है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने तथा जांच उपरांत ही विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। एक ओर हटाने की मांग को लेकर उठी आवाज, तो दूसरी ओर महिला समूहों का संगठित समर्थन—इस घटनाक्रम ने जनपद की गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर चर्चाओं को तेज कर दिया है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।


