सारंगढ़-बिलाईगढ़

गोमर्डा अभ्यारण्य में मजदूरी भुगतान में नियमितता की जांच, रिपोर्ट सीसीएफ को भेजी
22-Jan-2026 3:51 PM
गोमर्डा अभ्यारण्य में मजदूरी भुगतान में नियमितता की जांच, रिपोर्ट सीसीएफ को भेजी

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 22 जनवरी। सारंगढ़ वन मंडल अंतर्गत गोमर्डा वन्यजीव अभ्यारण्य में मजदूरी भुगतान से जुड़े एक प्रकरण में वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। यह मामला फरवरी 2024 माह में कराए गए कार्यों के मजदूरी भुगतान से संबंधित है। विभागीय जांच के बाद इस संबंध में एक जांच प्रतिवेदन तैयार कर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), बिलासपुर को भेजा गया है।

उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार फरवरी 2024 में गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र में कराए गए कार्यों के लिए मजदूरी मद में कुल 1,08,61,746 रुपये का भुगतान दर्शाया गया था। जांच के दौरान बैंक खातों, भुगतान रजिस्टर और मजदूर सूची का मिलान किया गया, जिसमें यह सामने आया कि 1,05,18,326 रुपये की राशि संबंधित मजदूरों के खातों में जमा नहीं हुई थी।

स्थानीय स्तर पर मजदूरों द्वारा भुगतान न मिलने की शिकायतें पूर्व में भी की गई थीं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे कई महीनों से विभागीय कार्यालयों में आवेदन देते आ रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। शिकायतों के आधार पर विभाग द्वारा जांच के आदेश दिए गए।

मामले की जांच के लिए एसडीओ वन अनिता गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। उनके नेतृत्व में गठित टीम द्वारा अभिलेखों की जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि मजदूरी की राशि मजदूरों के खातों में सीधे न जाकर अन्य खातों में स्थानांतरित की गई, जो वित्तीय नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया।

जांच के दौरान कुछ बयानों में भुगतान प्रक्रिया से जुड़े कमीशन की बात भी सामने आई है। हालांकि इन बयानों की पुष्टि जांच रिपोर्ट और आगे की विभागीय कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

सूत्रों के अनुसार जांच प्रतिवेदन में रेंजर सुरेन्द्र कुमार अजय और प्रभारी रेंजर राजू सिदार की भूमिका को संदिग्ध बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता संयुक्त रूप से हुई, जिसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए उच्च स्तर पर निर्णय अपेक्षित है।

 

इस प्रकरण का प्रभाव कनकबीरा सर्किल के अंतर्गत कार्यरत उन मजदूरों पर पड़ा है, जिन्होंने वन संरक्षण, पौधारोपण और अन्य कार्यों में श्रम किया था। कई मजदूरों ने अब तक भुगतान न मिलने की बात कही है।

जांच पूर्ण होने के बाद 23 दिसंबर को प्रतिवेदन तैयार किया गया, जिसे 26 दिसंबर को मुख्य वन संरक्षक, बिलासपुर को भेजा गया है। अब आगे की कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन के आधार पर की जाएगी।


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