राजपथ - जनपथ
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी?
भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी हाईकमान राज्यों से नामों पर मंथन कर रहा है और छत्तीसगढ़ से भी आधा दर्जन नेताओं को जगह मिल सकती है। सीएम विष्णुदेव साय की हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से हुई मुलाकात को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। बताया जाता है कि दोनों नेताओं के बीच प्रदेश से संभावित नामों पर चर्चा हुई। इसके बाद राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिवप्रकाश की साय से हुई लंबी मुलाकात ने अटकलों को और बल दिया है।
चर्चा है कि इस बार संगठन में नए चेहरों को प्राथमिकता मिल सकती है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी को यथावत रखा जा सकता है, जबकि प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नाम भी चर्चा में हैं। इन चारों नेताओं का पहली बार विधायक बनना और कोर कमेटी में शामिल होना उनके पक्ष में माना जा रहा है। बस्तर सांसद महेश कश्यप को राष्ट्रीय पदाधिकारी बनाए जाने की भी चर्चा है।
प्रदेश भाजपा की निगाहें नए प्रभारी की नियुक्ति पर भी टिकी हैं। सीएम विष्णु देव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और दोनों डिप्टी सीएम 10 तारीख को दिल्ली में रहेंगे। इस दौरान संगठन में नियुक्ति, और अन्य विषयों पर पार्टी हाईकमान से चर्चा हो सकती है।माना जा रहा है कि संगठन से जुड़े अहम फैसले 14-15 जून के आसपास सामने आ सकते हैं।
युवक कांग्रेस चुनाव को लेकर जोड़ तोड़
युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव ने कांग्रेस के भीतर नई हलचल पैदा कर दी है। इस बीच भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव और वर्तमान युवक कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा ने एक ऐसा दांव चला है, जिसने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है। दोनों नेताओं ने बलौदाबाजार-भाटापारा युवक कांग्रेस अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र बंजारे के नाम को आगे बढ़ाया है और उनके समर्थन में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
शैलेन्द्र बंजारे का नाम बलौदाबाजार आगजनी कांड में भी सामने आया था और वे जेल भी जा चुके हैं। बावजूद इसके उन्हें कांग्रेस के कुछ राष्ट्रीय नेताओं का समर्थन मिलने की चर्चा है। बंजारे अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। यह कहा जा रहा है कि बंजारे युवक कांग्रेस अध्यक्ष बनते हैं, तो अजा वर्ग में कांग्रेस की पकड़ मजबूत होगी और इसका सीधा फायदा विधानसभा चुनाव में मिल सकता है।
दूसरी ओर, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। अध्यक्ष पद के कई दावेदार इन वरिष्ठ नेताओं से लगातार संपर्क साध रहे हैं। ऐसे में यदि देवेन्द्र यादव और आकाश शर्मा की रणनीति सफल होती है, तो शैलेन्द्र बंजारे की दावेदारी को मजबूत समर्थन मिलना तय माना जा रहा है।


