राजपथ - जनपथ

राजपथ-जनपथ : ननकी का मोदी के नाम शिकायती पत्र
09-Feb-2026 5:59 PM
	 राजपथ-जनपथ : ननकी का मोदी के नाम शिकायती पत्र

ननकी का मोदी के नाम शिकायती पत्र

प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर की एक बार फिर अपनी ही सरकार से नाराजगी जाहिर हुई है। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता विजय भतपहरी के खिलाफ जांच कराने की मांग की है। कंवर ने लिखा है कि इस अफसर ने अपने चहेते ठेकेदारों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाकर भारी भ्रष्टाचार किया है। अपनी और अपने रिश्तेदारों के नाम पर अवैध संपत्ति अर्जित की है। इनके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो और ईओडब्ल्यू में अनेक शिकायतें और एफआईआर दर्ज है लेकिन राजनीतिक पहुंच और काली कमाई के बल पर वे सभी जांच और और आपराधिक  कार्रवाई को रोकने में कामयाब हो जाते हैं। कंवर ने सन् 2011  और 2015 में दर्ज आपराधिक मामलों का विवरण भी अपने पत्र में दिया है। कंवर ने दो तीन फर्मों के नाम लिखकर कहा है कि इनके जरिये घटिया काम कराए जा रहे हैं। कंवर की मांग यह भी है कि जितने भी निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं, उनकी जांच मेरे समक्ष कराई जाए। 

कंवर अपनी मुखरता के चलते अपनी सरकार के लिए प्राय: असहज स्थिति खड़ी कर देते हैं। उनके दावों का कोई खंडन भी नहीं करता और आरोप सही हों तो जांच की कार्रवाई भी नहीं होती। कुछ माह पहले कोरबा में कलेक्टर को उनकी मंशा के अनुरूप हटा देने के बाद सरकार के जवाबदेह अफसरों और मंत्रियों को लगा होगा कि शायद अब कंवर मुसीबत खड़ी न करें। मगर, इस बार उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। शायद उन्हें लगा हो कि राज्य में मंत्री और अफसर सरकार को किस तरह से चला रहे हैं, यह प्रधानमंत्री की जानकारी में लाना चाहिए।

धान खरीदी, घाटा बढ़ रहा

प्रदेश में धान खरीदी सरकार के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। सरकार समर्थन मूल्य से करीब साढ़े 7 सौ रुपए अधिक यानी 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है। इस खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर एक करोड़ 42 लाख टन धान खरीद की गई। 24 लाख पंजीकृत किसानों को कुल 34 हजार करोड़  भुगतान किया गया है। इसमें करीब 32 हजार करोड़ रुपए किसानों के खाते में जा चुके हैं। फिलहाल समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया है। बाकी अंतर की राशि बाद में दी जाएगी। दिलचस्प बात ये है कि पिछले साल के मुकाबले इस खरीफ सीजन में 7 लाख टन धान की कम खरीदी हुई है।

यह पहला मौका है जब धान खरीद में कमी आई है। आमतौर पर धान खरीद का आंकड़ा लगातार बढ़ता रहा है, लेकिन इस बार लक्ष्य से कम धान खरीद हुई है। वैसे तो सरकार ने एक करोड़ 60 लाख टन धान खरीद के लिए तैयारी कर रखी थी, लेकिन 18 लाख टन धान कम खरीदी हुई । इससे परे गत वर्ष की तुलना से 7 लाख टन कम धान खरीद सरकार ने करीब 21 सौ करोड़ रुपए बचाए हैं।

दरअसल, समर्थन मूल्य से धान खरीद एक बड़ा राजनीति मुद्दा रहा है, लेकिन इससे सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक जानकारी के मुताबिक पिछले खरीफ सीजन में धान खरीद से करीब 10 हजार करोड़ का बोझ बढ़ा था। इस बार कम खरीद के बावजूद आंकड़ा इसके आसपास ही रहने के आसार हैं।

वकील के बदले वकील?

राज्यसभा की दो रिक्त सीट के लिए चुनाव की अधिसूचना अगले महीने जारी होगी। राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम, और सुप्रीम कोर्ट के वकील केटीएस तुलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इस बार विधानसभा की संख्या बल के आधार पर  भाजपा, और कांग्रेस को एक-एक सीट मिलेगी।

कांग्रेस से वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी के फिर छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में जाने की संभावना नहीं है। उनके बदले एक और बड़े वकील अभिषेक मनु सिंघवी के नाम की अभी से चर्चा हो रही है। अभिषेक मनु सिंघवी, तेलंगाना से राज्यसभा सदस्य हैं। उनका भी कार्यकाल खत्म हो रहा है।

तेलंगाना के कई नेता सिंघवी के बजाए स्थानीय नेता को ही राज्यसभा में भेजे जाने के लिए दबाव बनाए हुए हैं। ऐसे में सिंघवी के लिए छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में जाने का विकल्प है। सिंघवी छत्तीसगढ़ के प्रमुख कांग्रेस नेताओं का केस लड़ चुके  हैं।

हालांकि यहां भी कांग्रेस में स्थानीय नेता को ही राज्यसभा में भेजे जाने की वकालत की जा रही है। कुछ नेता आने वाले दिनों में इस सिलसिले में पार्टी हाईकमान से चर्चा भी कर सकते हैं। दूसरी तरफ, भाजपा में यह तय है कि किसी स्थानीय को ही राज्यसभा में भेजा जाएगा। कई हारे हुए बड़े नेता इसके लिए प्रयासरत हैं। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल रहेगी।

 


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