राजपथ - जनपथ

राजपथ-जनपथ : कांग्रेस में कोल्ड वॉर
28-Jan-2026 6:20 PM
	 राजपथ-जनपथ : कांग्रेस में कोल्ड वॉर

कांग्रेस में कोल्ड वॉर

कांग्रेस में पूर्व सीएम भूपेश बघेल, और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव खेमे के बीच ‘कोल्ड-वार’ चल रहा है। पूर्व सीएम पखवाड़े भर में दो बार अंबिकापुर जा चुके हैं। ये अलग बात है कि भूपेश के अंबिकापुर प्रवास के दौरान टीएस सिंहदेव के समर्थक नदारद रहे।

पिछले दिनों भूपेश अंबिकापुर में सरगांव नरेश विंदेश्वर शरण सिंहदेव (विंकी बाबा)के सरगांव द पैलेस रिसोर्ट में आयोजित श्रीमद भागवत महापुराण कथा में शामिल हुए। विंकी बाबा, टीएस सिंहदेव के सगे चाचा दिवंगत कांग्रेस नेता यूएस सिंहदेव के पुत्र हैं। यानी विंकी बाबा, टीएस के चचेरे भाई हैं।

चर्चा है कि विंकी बाबा भी विधानसभा चुनाव लडऩा चाहते हैं। उनकी नजर भटगांव सीट पर है, जबकि टीएस सिंहदेव के उत्तराधिकारी के रूप में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव (आदि बाबा) को देखा जाता है। ऐसे में देर सबेर सिंहदेव परिवार के सदस्यों में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई छिड़ सकती है। भूपेश आए, तो अंबिकापुर में इसकी काफी चर्चा रही।

भूपेश के साथ पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी थे, जो कि  सिंहदेव विरोधी माने जाते हैं। दिलचस्प बात ये है कि भागवत कथा में श्रोता के रूप में भाजपा सांसद चिंतामणि महाराज भी थे। जो पहले कांग्रेस में थे, और सिंहदेव के विरोध के चलते टिकट कट गई, और फिर भाजपा में चले गए। इस दौरान चिंतामणि महाराज की पूर्व सीएम से अनौपचारिक चर्चा हुई। कुल मिलाकर भूपेश के दौरे से सरगुजा में काफी हलचल रही है।

शिक्षकों के कितने पद भरे जाएंगे?

शिक्षकों की भर्ती के लिए फरवरी माह के पहले सप्ताह में विज्ञापन निकलने के आसार हैं। वैसे तो बीते विधानसभा चुनाव के दौरान स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों की संख्या 57 हजार बताई गई थी और भाजपा ने सरकार आने के एक साल के भीतर भर्ती शुरू करने का संकल्प व्यक्त किया था। विधानसभा के पहले ही सत्र में इस बात की घोषणा की गई थी कि शिक्षकों की भर्ती शीघ्र शुरू कर दी जाएगी। मगर, कहा जाता है कि वित्त विभाग से मंजूरी नहीं मिलने के कारण यह टलता रहा।

हाल ही में स्कूल शिक्षा निदेशालय की बैठक में तय किया गया है कि 3854 पदों पर भरने के लिए जिला वार रोस्टर बनाया जाए। इनमें 1654 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और 2200 प्राथमिक शिक्षक (पीआरटी) शामिल होंगे। यह संख्या समय-समय पर सरकार द्वारा की गई 5000 पदों की भर्ती की घोषणा से करीब 1100 कम हैं। कहा जा रहा है कि जिला वार रोस्टर बनाने का निर्देश भी जिलों में शिक्षा अधिकारियों को दिया जा चुका है।

विधानसभा में एक सवाल के जवाब में प्रदेश में 33 हजार शिक्षकों के पद खाली होने की जानकारी दी जा चुकी है। यह शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के पहले की स्थिति थी। युक्तियुक्तकरण के बाद करीब 10 हजार शिक्षकों की जरूरत कम रह गई। फिर भी 23 हजार पद अब भी खाली है। अब दो साल से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद इनमें से 38-39 सौ ही शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। हजारों की संख्या में बी.एड परीक्षा उत्तीर्ण कर युवा नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। यह देखना होगा कि भर्ती विज्ञापन निकलने के बाद नियुक्तियों की प्रक्रिया कहीं लंबी तो नहीं खिंच रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह बताई जा रही है कि यह एक सीधी भर्ती प्रक्रिया होगी। यानि अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष हो सकती है। ऐसा हुआ तो भर्ती प्रक्रिया को अदालतों में चुनौती देने की संभावना कम रहेगी। यह भी देखना होगा कि विद्या मितानों के लिए कोई कोटा निर्धारित किया जा रहा है। ये विद्या मितान 8-10 सालों से अतिथि शिक्षक के रूप में रिक्त पदों पर अध्यापन का कार्य कर रहे हैं।

प्रकृति का सफाईकर्मी

रायपुर जिले के फुंदर गांव में ली गई ब्लैक काइट की यह तस्वीर प्रकृति और इंसानी परिवेश के रिश्ते को चुपचाप सामने रखती है। पानी के किनारे झुकी यह काली चील रोमांचक उड़ान या शिकार के क्षण में नहीं, बल्कि रोजमर्रा के संघर्ष में दिखाई दे रही है। 

चील का भोजन इंसान का छोड़ा हुआ कचरा होता है। यह शाकाहारी मांसाहारी दोनों ही होते हैं। यह अभी विलुप्ति के कगार पर नहीं है। पर वैज्ञानिक चिंतित हैं क्योंकि प्लास्टिक कचरा, जहरीले पदार्थ और बिजली के तार इनके लिए आफत बनते जा रहे हैं। (तस्वीर-लोकेश शरण)

अब आएगी लिस्ट?

भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिव प्रकाश रायपुर आए, तो प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव के साथ अलग से बैठक की। संगठन के कार्यक्रमों की समीक्षा की। शिव प्रकाश ने सभी मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों की सूची हफ्तेभर के भीतर जारी करने के निर्देश दिए हैं। मोर्चा-प्रकोष्ठों के संयोजक-अध्यक्षों की नियुक्ति तो हो गई है, लेकिन पदाधिकारियों की सूची अटकी पड़ी है। शिव प्रकाश ने इस पर अप्रसन्नता जताई है, और जल्द से जल्द सूची फाइनल करने की हिदायत दी है। मोर्चा प्रकोष्ठों की सूची जारी होने के बाद प्रदेश कार्यकारिणी की सूची जारी होने के संकेत हैं। इस बार इसमें कई नए चेहरे लिए जा सकते हैं।


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