राजनांदगांव
विस अध्यक्ष ने छात्र-छात्राओं का बढ़ाया हौसला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 8 जून। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रविवार को स्पीकर हाऊस राजनांदगांव में छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
विस अध्यक्ष ने कहा कि आज यहां दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से आए वनांचल क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया है। ऐसे बच्चों को मंच में सुनकर यह महसूस होता है कि एक आत्मविश्वास कैसे जागृत होता है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में उनके अभिभावक तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करते हैं, जहां सुविधाओं की कुछ कमी के बावजूद ये अपने परिश्रम से उत्कृष्ट अंक लेकर आते हैं और अध्ययन के क्षेत्र में शहर के बच्चों को चुनौती देते हंै तथा आगे बढ़ते हैं, जो उनकी नैसर्गिक क्षमता, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास को अभिव्यक्त करती है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि लक्ष्य बनाकर चलें और मेहनत एवं लगन से पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि केवल डॉक्टर व इंजीनियर ही नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में प्रोफेसर, वकील, शिक्षक एवं समाज के अन्य क्षेत्रों में सेवा करते हुए देश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने बताया कि वनवासी भाई-बहनों के तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान कंकड़ के चुभने से संक्रमण फैल जाता था। इससे बचाव के लिए चरण पादुका योजना लायी गई। जंगल में निवास करने वाले वनवासियों को चप्पल दिए गए।
उन्होंने बताया कि प्रयास विद्यालय दंतेवाड़ा में प्रारंभ किया गया था एवं एजुकेशन हब के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तेंदूपत्ता की दर में वृद्धि की गई है। प्रतिमानक दर 1000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रुपए की गई है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सफलता के नए आयाम प्राप्त करें। विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बालिका नम्रता नेताम एवं प्रेरणा साहू को नि:संकोच होकर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहने के लिए हौसला बढ़ाया।
महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि तेंदूपत्ता के लाभांश की राशि छात्रवृत्ति की राशि का सदुपयोग करते बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। शासन की योजना अंतर्गत चरण पादुका, साड़ी वितरण, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से वनवासियों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए कार्य किया गया। वही बच्चों की शिक्षा के लिए भी कार्य किया गया। वनमंडलाधिकारी आयुष जैन ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए शिक्षा प्रोत्साहन योजना के संबंध में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लघु वनोपज तेंदूपत्ता, जिसे हरा सोना भी कहा जाता है। ग्रामीण परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण स्रोत है। वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण सत्र में जिले में कुल 16517.502 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। संग्रहण कार्य में कुल 18412 संग्राहक परिवार भाग लिया। जिसके अंतर्गत संग्रहण परिश्रामिक भुगतान योग्य 9 करोड़ 8 लाख 46 हजार 360 रूपए निर्धारित की गई है। तेन्दूपत्ता संग्रहकों को संग्रहण पारिश्रमिक के साथ-साथ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। जिसमें संग्राहक परिवार के बच्चों को शिक्षा में प्रोत्साहन देने के लिए छात्रवृत्ति योजना संचालित है। जिला यूनियन राजनांदगांव अंतर्गत वर्ष 2025 में 448 छात्र-छात्राओं को 60 लाख 81 हजार रूपए का भुगतान किया गया है।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष किरण साहू, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास अध्यक्ष पूर्णिमा साहू, कोमल सिंह राजपूत, खूबचंद पारख, रेखा मेश्राम, कलेक्टर जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह, एसडीएम राजनांदगांव गौतम पाटिल, एसडीओपी वन विभाग योगेश साहू, डिप्टी कलेक्टर अनिकेत साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, हितग्राही बच्चे एवं नागरिक उपस्थित थे।


