राजनांदगांव
केसीजी जिले के छुईखदान थाना का मामला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 6 जून। अवैध रूप से गांजा बिक्री करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। साथ ही सहयोगी एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस ने 98 पैकेट गांजा, नगदी और स्कूटी जब्त किया। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार केसीजी पुलिस टीम द्वारा अवैध मादक पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते गांजा बिक्री में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया गया।
बताया गया कि 4 जून को थाना छुईखदान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि प्रखर कुमार चंद्राकर, वेदांत वैष्णव एवं एक विधि से संघर्षरत बालक स्कूटी की डिक्की में अवैध मादक पदार्थ गांजा रखकर जमुना चौक छुईखदान क्षेत्र में घूम-घूमकर आम लोगों को गांजा बेच रहे हैं तथा अवैध धन लाभ अर्जित कर रहे हैं। पुलिस टीम द्वारा जमुना चौक स्थित राजू वैष्णव कॉम्प्लेक्स के सामने घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की गई।
मौके पर संदेहियों को पकडक़र तलाशी लेने पर उनके कब्जे से एक सफेद रंग की पॉलीथीन में 46 पैकेट तथा एक हल्के हरे रंग की पॉलीथीन में 52 पैकेट कुल 98 पैकेट अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया। दोनों पॉलीथीन सहित गांजे का कुल वजन 270 ग्राम पाया गया। जिसकी अनुमानित कीमत 6 हजार रुपए है। इसके अतिरिक्त गांजा बिक्री से प्राप्त 350 रुपए नगद तथा प्रयुक्त स्कूटी कीमत लगभग 30 हजार रुपए को जब्त की गई। इस प्रकार कुल 36350 रुपए मूल्य का मशरूका जब्त कर पुलिस कब्जे में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में प्रखर कुमार चंद्राकर उर्फ बाबू 19 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 9 कंडरापाराए छुईखदान और वेदांत वैष्णव उर्फ सिनु 19 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 2 राजमहल चौक छुईखदान एवं एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। आरोपीगण एवं विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर थाना छुईखदान में अपराध क्रमांक 210/2026, धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों प्रखर कुमार चंद्राकर एवं वेदांत वैष्णव को जेएमएफसी न्यायालय छुईखदान में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें उप जेल सलोनी भेजा गया। वहीं विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड राजनांदगांव के समक्ष प्रस्तुत किया गया।


