राजनांदगांव

सूखत की आड़ में दो दर्जन सोसायटियों में करोड़ों का खेल
25-May-2026 4:20 PM
सूखत की आड़ में दो दर्जन सोसायटियों में करोड़ों का खेल

24 सोसाइटियों से 19 करोड़ का धान गायब

‘छत्तीसगढ़ ’ संवाददाता

राजनांदगांव, 25 मई। राजनांदगांव जिलें के धान सोसायटियों में सूखत के नाम पर करोड़ो रूपए की गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासन ने सिलसिलेवार कार्रवाई शुरू कर दी है। सूखत दर्शाकर प्रबंधकों ने करोड़ों रूपए डकार लिए है। भौतिक सत्यापन में अब मामला पकड़ में आया है।

कलेक्टर जितेन्द्र यादव की सोसायटियों पर सीधी नजर है। उनके निर्देश के बाद ही धान की वास्तविकता सामने आई है। जिलें में करीब 19 करोड़ रूपए का धान सोसायटियोंं में कम मिला है। इस मामले की प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार प्रबंधकों ने सूखत के नाम पर एक बड़ी फर्जीवाड़ा कर सरकार के कोष को करोड़ों रूपए का नुकसान किया है। जिले के करीब 60 से ज्यादा सोसायटियों की जांच करने पर 61 हजार क्विंटल धान कम मिला। इसके खुलासे के बाद प्रशासन के होश उड़ गए। जांच में सीधे तौर पर 24 समितियों में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। हाल ही कलेक्टर ने मोहारा के अलावा अन्य प्रमुख समितियों मे धान घोटाले पर प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए है।

बताया जा रहा है कि प्रशासन ने ज्यादा गड़बड़ी वाले समितियों को अपने रडार में रखा है। जिसमें घुमका, मुसराकला, सीतागोटा, सडक़ चिरचारी, कुहीकला, बम्हनी चारभांटा समेत अन्य समितियों में भी जांच शुरू की है। प्रशासनिक स्तर पर  प्रांरभिक जांच में समितियों ने जिस तरह से सरकार की आंख में धूल झोंककर घोटाला किया है। उसके प्रशासनिक अफसर भी हैरत में पड़ गए है।

इधर कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सीधे सरकार ने बड़ी एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। राजनांदगांव शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार ने च्छत्तीसगढ़ज् से चर्चा में कहा कि सूखत की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस गड़बड़ी में जिला सहकारी बैंक के शीर्ष अफसरों का संरक्षण रहा है।  इस बीच साल 2025-26 में हुए धान खरीदी के दौरान प्रबंधको ने व्यापक स्तर पर सूखत की आड़ में घोटाला कर सरकार को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाया है।


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