राजनांदगांव
पखवाड़ेभर के लिए पहुंचा 300 एमसीएफटी पानी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 11 मई। पानी की बढ़ती खपत के बीच मोंगरा जलाशय से तीसरी बार पानी छोड़ा गया है। शिवनाथ नदी में फिलहाल पर्याप्त पानी का भराव हुआ है। स्थानीय मोहारा एनीकट पानी से लबालब है। हालांकि पानी की खेप महज 15 दिनों के लिए है।
निगम प्रशासन की मांग पर मोंगरा जलाशय से 300 एमसीएफटी पानी छोड़ा गया है। एनीकट में लगातार पानी कर जलस्तर कम हो रहा था। शहर में दो वक्त की पेयजल आपूर्ति के लिए पानी का संकट गहराने की आशंका के चलते मोंगरा जलाशय से पानी मांगा गया। मौजूदा समय में मोहारा एनीकट में पानी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। निगम प्रशासन ने जल संसाधन विभाग को पत्र लिखकर पानी की खेप मांगी थी। 300 एमसीएफटी पानी आने के बाद एनीकट में पानी की कमी दूर हो गई है।
मानसून आने तक मोंगरा जलाशय से ही हर साल शहर की प्यास बुझती रही है। मोंगरा जलाशय में भी पानी पर्याप्त है। हालांकि तय समय पर मानसून की धमक नहीं होने से पेयजल संकट गहराने के आसार नजर आ रहा है, इसलिए जल संसाधन विभाग ने सीमित मात्रा में पानी छोड़ा है। बताया जा रहा है कि सुबह-शाम पानी की सप्लाई को लेकर भी निगम प्रशासन समय में कटौती करने की योजना बना रहा है। वजह यह है कि मानसून आने तक पानी के व्यय को लेकर निगम एहतियात बरत रहा है। इस साल भीषण गर्मी पडऩे से एनीकट के पानी का तेजी से वाष्पीकरण हुआ है। इस वजह से एनीकट का जलस्तर भी कम हुआ है।
गिरा जलस्तर, सूखे पड़े हैंडपंप
भीषण गर्मी के चलते जमीन का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है। यही कारण है कि हैंडपंप भी सूखे पड़ गए हैं। हैंडपंप चलाने पर सिर्फ हवा ही निकल रही है। एक जानकारी के मुताबिक 200 से ज्यादा हैंडपंप पूरी तरह से सूख गए हैं। बताया जा रहा है कि गर्मी के असर से जलस्तर 20 से 25 मीटर नीचे चला गया है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में हैंडपंप बंद होने से निस्तारी और पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है। हैंडपंप ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए बड़े जलस्रोत में एक है। कुओं की स्थिति भी खराब हो चली है। कुओं का पानी भी काफी नीचे जाने से पानी निकालना मुश्किल हो गया है। हैंडपंप के सूखने के कारण देहात क्षेत्रों में पानी संकट चरम पर है। पानी की किल्लत से ग्रामीण क्षेत्रों की कई जरूरी काम मसलन वैवाहिक एवं अन्य सामाजिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गांवों में स्थिति बिगडऩे लगी है।


