राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 8 मई। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं राजनांदगांव लोकसभा के प्रभारी शाहिद भाई ने छग सरकार की नाकामी के चलते स्वास्थ्य सुविधा की बदहाली से जनता के जीवन पर पडऩे वाले दुष्परिणामों को प्रमाणित करते कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद छग मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन से मिलने वाली जिला, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अनिवार्य होने वाली 300 आवश्यक दवाओं में से मात्र 40-50 दवाइयां ही अस्पतालों में पहुंचाकर मानव जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ।
महामंत्री शाहिद ने बताया कि आईपीएचएस (इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड) के ईडीएल अनुसार जिला चिकित्सालय में 381 सामुदायिक में 300 और प्राथमिक में 172 एसएच सी/एएएम में 106 इसी प्रकार स्टेट ईडीएल अंतर्गत जिला में 264, सीएचसी में 160, पीएचसी में 109 एवं एसएचसी/एएएम में 41 आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां होनी ही चाहिए। छग सरकार के लोक स्वास्थ्य में परिवार कल्याण विभाग के 12 नवंबर 2025 के पत्र को भी उजागर करते कहा कि इस पत्र में प्रदेश के अस्पतालों में अनिवार्य दवाइयां की सूची अधूसूचित करते उपलब्धता की बात कही गई है। जिसका भी पालन नहीं होने से अस्पतालों में बदहाली का आलम है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेज डॉक्टर और स्टाफ को तरस रहे हैं, क्योंकि लगभग 250 प्रकार के चिकित्सा सामग्रियों की आवश्यकता होने के बाद भी मात्र 70 से 80 सामग्रियों की सप्लाई कर स्वास्थ्य सुविधाओं पर बाधा डालने का खेल चल रहा है। यहां तक अस्पतालों में सिरिंज की भी उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी के चलते जिला चिकित्सालय, सामुदायिक चिकित्सालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटीबायोटिक, मलेरिया, पेरासिटामोल, ओआरएस, आयरन यहां तक गर्भवती महिलाओं की आवश्यक दवाइयों के साथ सर्दी, बुखार, दर्द, इन्फेक्शन उल्टी, शुगर की जो दवाइयां सरकारी अस्पताल से फ्री में दी जाती है, वह दवाइयां भी उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते मरीज को निजी दुकानों से खरीदने की मजबूरी है। सरकार के सुशासन के बड़े-बड़े दावे की पोल भी स्वास्थ सुविधाएं खोल रही है।
शासकीय अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां रखने की अनिवार्यता के बाद भी छग सरकार की बेसुधी एवं कमीशन के खेल के चलते आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर उन्हें निजी अस्पतालों में भेजने का खेल खेल रही है। सरकार सीजीएमएससी के माध्यम से आवश्यक दवाइयां भेजने में असफल है। वहीं स्थानीय स्तर पर सीजीएमएससी आवश्यक दवाइयां खरीदने एनओसी भी नहीं दे रही है, जो जनता के हितों पर चोट पहुंचाने वाला काम है 15 दिवस में जिला सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं करती है तो कांग्रेसजन आंदोलन करने पर विवश होगी।


