राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 8 मई। युगांतर पब्लिक स्कूल में शिक्षकों के लिए सीबीएसई का एक दिवसीय केपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ‘प्रमोटिंग मेंटल हेल्थ एण्ड वेलनेस एमंग स्टूडेंट्स’ आयोजित हुआ।
इस प्रोग्राम में रिसोर्स पर्सन के रूप में अभिषेक खंडेलवाल तथा भूपेंद्र कुमार चन्द्राकर को आमंत्रित किया गया था। दोनों रिसोर्स पर्सन ने सीबीएसई के इस एक दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम को संचालित करते बारी-बारी से विद्यार्थियों के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने में शिक्षकों की क्या भूमिका होनी चाहिए, इसे विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि शिक्षकगण न केवल विद्यार्थियों को ज्ञान देते हैं, बल्कि वे उनके लिए कक्षा में एक सुरक्षित वातावरण बनाने में मदद भी करते हैं। यही नहीं वे विद्यार्थियों को भावनात्मक समर्थन भी देते हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों का यह दायित्व है कि वे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के शुरूआती संकेतों को पहचानकर पालक, काउंसलर और मनोवैज्ञानिक की मदद लेवें। विद्यार्थियों के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य रखने में योगा, खेलकूद, संगीत और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियां सहायक होती है। शिक्षकों को इन गतिविधियों से उन्हें जोडऩे का सार्थक प्रयास करना चाहिए। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को रोचकता प्रदान करने के लिए बीच-बीच में आकर्षक गतिविधियां भी कराई गई।
विद्यालय के प्राचार्य मधुसूदन नायर ने कहा कि युगांतर द्वारा समय-समय पर इस तरह के रचनात्मक प्रोग्राम आयोजित किए जाते रहेंगे। जिससे शिक्षकगण लाभान्वित हो सके और विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के मेंटल हेल्थ को व्यवस्थित करने शिक्षकों का प्रसन्नचित्त रहना जरूरी है। शिक्षकगण के प्रसन्नचित्त रहने से विद्यार्थीगण भी स्वाभाविक रूप से प्रसन्नचित्त रहते हैं और अध्ययन भी प्रसन्नचित्त होकर करते हैं।
उन्होंने ट्रेनिंग प्रोग्राम के टिप्स को कक्षाओं पर व्यावहारिक धरातल लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग प्रोग्राम की सार्थकता तभी सिद्ध होगी कि जब हम इसके टिप्स को अपनी कक्षाओं में लागू करेंगे। कुल मिलाकर यह ट्रेनिंग प्रोग्राम शिक्षकों की ऊर्जावान सहभागिता से सफल रहा। इस आयोजन की सफलता पर विद्यालय की प्रबंध समिति ने हर्ष प्रकट किया है।


