राजनांदगांव
छुरिया के हालेकोसा के दिनेश साहू ने कथा कराने के नाम पर आयोजन समिति को लगाया चूना
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 8 मई। कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा के करीबी माने जाने वाले छुरिया क्षेत्र के हालेकोसा के रहने वाले दिनेश साहू के खिलाफ पुलिस ने कथा के बहाने एक मोटी रकम ठगने के मामले में अपराध दर्ज किया है।
पुलिस ने दिनेश साहू पर अं. चौकी की भोलेनाथ सेवा समिति से कथा कराने के नाम पर 21 लाख रुपए लेने का आरोप लगा है। लंबे समय से आयोजन समिति को तारीख दिलाने के नाम पर आरोपी दिनेश साहू टालमटोल करता रहा। आखिरकार समिति ने राजनांदगांव एसपी से लिखित शिकायत कर मामले में अपराध दर्ज करने की मांग की। छुरिया पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद दिनेश साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक अं. चौकी के भोलेनाथ सेवा समिति से दिनेश साहू ने पं. मिश्रा का कथा का कार्यक्रम करने का भरोसा देकर 5 और 16 लाख रुपए लिया। इसके बाद वह जल्द ही तारीख दिलाने के लिए समिति को आश्वस्त भी करता रहा। बताया जा रहा है कि समिति ने दिनेश साहू को 24 फरवरी 2026 को 5 लाख और 11 मार्च 2026 को 16 लाख रुपए दिए थे। इस तरह समिति की ओर से 21 लाख रुपए लेकर आयोजन समिति को तारीख नहीं मिल रही थी।
इस मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब समिति के सदस्य सच्चाई जानने के लिए पंं. मिश्रा से मिलने सिहोर पहुंच गए। समिति के सदस्यों को पं. मिश्रा से मिलने का मौका नहीं मिला। वहीं जिस तारीख को यानी 8 से 14 मई तक कथा आयोजन की तैयारी थी। उस तारीख में पं. मिश्रा का कार्यक्रम झारखंड की राजधानी रांची में तय हो गया था। इसी बात को लेकर समिति ने जब जांच पड़ताल की तो दिनेश साहू की करतूत सामने आई।
बताया गया है कि समिति के सदस्यों ने सिहोर में कार्यालय अधीक्षक रविन्द्र नायक से भी जानकारी ली। जिसमें नायक ने आयोजन के लिए पैसा जमा नहीं होने की जानकारी दी। उस दौरान दिनेश साहू भी वहां उपस्थित था और उसी की वजह से पं. मिश्रा से समिति को मिलने नहीं दिया गया। वापस आने पर समिति की ओर से पैसा लौटाने की मांग की। रकम लौटाने को लेकर दिनेश साहू हील-हवाला करता रहा।
आखिरकार समिति के अध्यक्ष दीपचंद्र रजक, सचिव लोकेश सिन्हा, अर्जुनदास मानिकपुरी, शत्रुघन यादव, लोकनाथ साहू और राजकुमार सिन्हा सहित 14 सदस्यों ने हस्ताक्षरित आवेदन पुलिस को दिया। बताया जा रहा है कि समिति ने आयोजन को लेकर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया था। जिसमें पोस्टर और पाम्प्लेट भी प्रकाशित किए गए थे। आयोजन के आमंत्रण पत्रों में राजनीतिक हस्तियों को आमंत्रित करने का जिक्र था। बताया जा रहा है कि पं. मिश्रा का दिनेश साहू से सतत संपर्क रहा है। दिनेश साहू ने कुछ साल पहले अपने गांव हालेकोसा में भी एक कथा का आयोजन कराया था। जिसमें पं. मिश्रा मुख्य कथावाचक के रूप में शामिल हुए थे। छुरिया क्षेत्र में पं. मिश्रा के साथ मधुर संबंध के चलते दिनेश साहू ने अपना प्रभाव जमा लिया था। लोगों का इसी के चलते उनसे कथा एवं अन्य धार्मिक कार्यों के लिए संपर्क रहा है।
महंगी कार गिफ्ट देने से मिली थी सुर्खियां
दिनेश साहू पेशे से किराना मर्चेन्ट व्यापारी है। उनका छुरिया में किराना का एक व्यापारिक प्रतिष्ठान है। वह उस वक्त सुर्खियों में आया जब उसने लोकप्रियता की ओर बढ़ रहे पं. मिश्रा को एक महंगी कार गिफ्ट में दी थी। इसके अलावा गांव में शिवपुराण कथा का आयोजन करने के बाद दिनेश साहू की साख भी इलाके में मजबूत हुई थी। उसे पं. मिश्रा से कभी भी मेल-मुलाकात करने में मनाही नहीं थी। यही एक कारण था कि क्षेत्र के लोग उस पर विश्वास कर बैठे थे। आखिरकार कथा कार्यक्रम के नाम पर धोखाधड़ी की खबर सामने आने के बाद दिनेश साहू की असल हकीकत सामने आ गई।


