राजनांदगांव
फुलबासन के बयान पर भी पुलिस जांच, 4 की गिरफ्तारी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 6 मई। मां बम्लेश्वरी स्व-सहायता समूह की प्रमुख और पद्मश्री फुलबासन यादव के अपहरण की खबर ने पूरे राज्य में खलबली मचा दी है। शोषित महिलाओं के उत्थान को लेकर दो दशक से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय श्रीमती यादव का अपहरण करने की नाकाम कोशिश की गई। मंगलवार को उन्हें घर से बंधक बनाकर दो महिलाएं कार में ले जा रही थी। अचानक ट्रैफिक पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान वह किसी तरह बच निकली और फिर दो महिलाओं को अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इधर फुलबासन के अपहर्ताओं के बयान को पुलिस ने जांच के दायरे में लिया है। बताया जा रहा है कि फुलबासन यादव के बयान की पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस ने मामले में दो महिलाओं समेत दो पुरूष को गिरफ्तार किया है।
एकाएक श्रीमती यादव को बंधक बनाए जाने की घटना के बाद पुलिस ने आरोपी महिलाओं से कई तरह के सवाल-जवाब किए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों के बयान पर पुलिस को भरोसा नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस अकेले दो महिला द्वारा अपहरण करने की नाकाम कोशिश की घटना को पचाने तैयार नहीं है। यानी पुलिस का शक है कि इस कांड के पीछे कुछ और लोगों का हाथ हो सकता है। अपहरण करने की असल वजह भी पुलिस मामने को तैयार नहीं है, सिर्फ समूह की अध्यक्ष का पद हासिल करने के लिए अपहरण की बात पुलिस को हजम नहीं हो रही है। यह भी पता चला है कि आरोपी महिलाएं किराये का कार लेकर पहुंची थी। इस घटना से कार चालक भी खुद को अलग बता रहा है।
बताया जा रहा है कि श्रीमती यादव ने अपने बयान में अपहर्ताओं पर महिला समूह की अध्यक्ष बनने की महत्वकांक्षा को अपहरण की एक वजह बताया है। आरोपी महिलाओं से फुलबासन यादव की मामूली जान-पहचान थी। मंगलवार सुबह बेमेतरा के भिभौंरी की रहने वाली खुशबू साहू ने जान-पहचान का हवाला देकर श्रीमती यादव के निवास में मुलाकात की। बातचीत के दौरान उसने कार में एक दिव्यांग युवती के साथ फोटो खींचने का आग्रह किया। बार-बार निवेदन करने पर जैसे ही कार के पास श्रीमती यादव पहुंची तो उन्हें कार में सवार अपहर्ताओं ने जबरिया अंदर धकेल दिया।
इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर शहर के रास्ते खैरागढ़ रोड में स्थित चिखली की ओर ले जाया जा रहा था। तभी ट्रैफिक जवानों ने जांच के दौरान कार को रोका और इस स्थिति को देखकर श्रीमती यादव ने आवाज लगाई और कार में सवार महिला को जोरदार पैर मारकर बाहर निकली। इस बीच जवानों ने भी कार को घेर लिया और आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार किया। बहरहाल इस घटना के बाद फुलबासन यादव की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रशासन से तत्काल उनकी सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के निर्देश दिए हैं। महापौर मधुसूदन यादव ने भी उनसे मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछा।
पद्मश्री सम्मान से देश में मिली पहचान
पद्मश्री फुलबासन यादव उस वक्त चर्चित हस्ती के रूप में सामने आई, जब देश की तत्कालिन राष्ट्रपति प्रतिभादेवी सिंह पाटिल ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा। लंबे समय से वह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सक्रिय रही है। देश की कई समाजसेवी संस्थाओं ने उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए बतौर सम्मान पुरस्कृत किया। देश की मोटर साइकिल निर्माण कंपनी बजाज समूह की ओर से भी उन्हें सम्मानित किया गया था। इसके अलावा मशहूर टीवी प्रोग्राम कौन बनेगा करोड़पति के मंच पर श्रीमती यादव को सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के सामने बैठने का मौका मिला। इस तरह श्रीमती यादव के खाते में कई महत्वपूर्ण पुरस्कार और सम्मान दर्ज है।


