राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 6 मई। देश की सुप्रसिद्ध कथाकार शुभदा मिश्र के संस्कारधानी आगमन पर उनके सम्मान में छत्तीसगढ़ सृजन साहित्य समिति द्वारा साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्य समिति के संस्थापक आत्माराम कोशा के निवास में आयोजित साहित्यिक आयोजन में स्थानीय कवि/साहित्यकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कथाकारा शुभदा का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर शुभदा ने अपनी चर्चित कहानी पुस्तक ‘यूँ हसरतों के दाग’ आत्माराम कोशा को भेंट किया और कवि/साहित्यकारों के बीच अपने सृजन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते साहित्यिक अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में हम अपनी नानी. दादियों से छोटी-छोटी कहानियां सुना करते थे, जिसे छत्तीसगढ़ी में ‘कंथली’ कहा जाता है ,जो छोटी कहानी कहने की एक सुप्रसिद्ध लोक विद्या है। जिसमें संदेश तो निहित होता ही है, मारक क्षमता भी अधिक होती है। उन्होंने इस पर विस्तृत रुप से काम होने की बात कही तथा कहा कि कवि साहित्यकारों को इस पर जरुर कलम चलाना चाहिए। उक्त जानकारी साहित्य समिति के सचिव मानसिंह मौलिक द्वारा दी गई।


