राजनांदगांव
राज्य सरकार के निर्देश पर जिला समिति से मंजूरी जरूरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 27 अप्रैल। हर साल निजी स्कूलों के मनमाफिक शैक्षणिक शुल्क बढ़ाने पर राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर जिला समिति को फीस में बढ़ोत्तरी करने निर्णय लेने अधिकृत किया है। सरकार ने इस आदेश के जरिए निजी स्कूलों पर नकेल कसा है।
शासन ने सभी कलेक्टरों और डीईओं को पत्र भेजकर 8 फीसदी से ज्यादा फीस बढ़ाने अनिवार्य रूप से जिला समिति से मंजूरी लेने का निर्देश दिया है। जिले में हर साल बिना मापदंड के स्कूली फीस बढ़ाने को लेकर संस्थाओं और पालकों के बीच वाद-विवाद की शिकायत होती रही है। अब राज्य सरकार ने अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 को सख्ती से लागू करने का प्रशासन और शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है।
पत्र में कड़ाई से कहा गया है कि कई निजी स्कूल अधिनियम का पालन नही कर रहे है। ऐसे में पालकों की ओर से शासन स्तर पर इस बाबत शिकायतों में इजाफा हो रहा है। शासन ने निजी स्कूलों को कोड करने लिखा है कि 8 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाने के लिए जिला समिति की अनुमति जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलें के निजी स्कूलो में फीस को लेकर स्पष्टता नही है। अलग-अलग स्कूलो में फीस में काफी असमानता है। बताया जा रहा है कि शासन ने फीस संबंधी मामलों के लिए जिला स्तरीय समिति भी बनाया है। जिसमें प्राचार्य, नोडल अधिकारी के अलावा अन्य शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी शामिल रहते है।
बहरहाल शासन ने फीस में वृद्धि करने वाले निजी स्कूलों को अपने आदेश में नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।


