राजनांदगांव
भीषण गर्मी में सफर में यात्री हो रहे हलाकान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 27 अप्रैल। अक्षय तृतीया (अक्ती) के बाद वैवाहिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों की बढ़ती भीड़ से बसों में पैर रखने के लिए जगह नहीं है। शादी सीजन में यात्री बसें खचाखच भरी हुई है।
भीषण गर्मी में बस में सफर करना काफी परेशानी भरा नजर आ रहा है। यात्रियों में महिलाएं और बच्चों की खासी तादाद है। रिश्तेदारों और सामाजिक नातेदारों के वैवाहिक आयोजनों में शामिल होने के लिए दूर-दराज तक पहुंचने बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। यात्री बसों में सवार होने के लिए कड़ी धूप और गर्मी से भी लोग उबल रहे हैं। यात्री बसों में महिलाएं जहां स्टापेज और बस स्टैंड में बसों का इंतजार करती नजर आ रही हैं। वहीं बसों के स्टापेज में आते ही लोग सीट की चाह में धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में महिलाओं को बच्चों और सामानों के साथ बस में सफर करना कष्टदायी बनता नजर आ रहा है। इधर वैवाहिक सीजन के चलते जहां बसों में लोगों की भीड़ बढऩे लगी है। वहीं चोरी व उठाईगिरों का गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं।
एक ओर जहां राजनांदगांव से दुर्ग व डोंगरगढ़ की ओर सफर करने वाले यात्री जहां बसों के अलावा ट्रेनों से भी सफर कर गंतव्य तक पहुंचते हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों व ऐसे इलाके जहां गिनती के यात्री बसें दौड़ती है। ऐसे इलाकों के यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने कष्टों भरा सफर करना पड़ता है। बीते सप्ताहभर से वैवाहिक आयोजनों का सिलसिला शुरू होने से जहां बसों और यात्री वाहनों में लोगों की भीड़ नजर आ रही है। वहीं ट्रेनों में भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इसके अलावा स्कूलों का ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने के साथ ही लोग सफर करने ट्रेनों में रिजर्वेशन कराने से भी ट्रेनों की सीटें भी फुल नजर आ रही है।
बुकिंग में दौड़ रही यात्री बसें
वैवाहिक आयोजनों के चलते जहां अधिकांश बसें पूर्व से ही बुकिंग होने से यात्रियों का सफर कष्टों भरा बना हुआ है। लोग गंतव्य तक पहुंचने जहां सुबह और शाम को सफर करने मजबूर हो रहे हैं। वहीं गिनती के बसें चलने वाले रूटों में यात्री चिलचिलाती धूप और पसीने से तरबतर होकर बसों का इंतजार कर गंतव्य तक पहुंचने बसों का सफर तय कर रहे हैं। बसों में महिलाएं जहां भीषण गर्मी वातावरण में सामानों के साथ सफर कर रहे हैं। वहीं बुजुर्ग और बच्चों संग माताएं भी भीड़ भरे वातावरण गंतव्य तक बसों में सफर करने के दौरान कष्टों भरा सफर कर रही है।


