राजनांदगांव

पारा 44 पहुंचा
20-Apr-2026 6:50 PM
पारा 44 पहुंचा

नांदगांव में लू और गर्म हवाओं की मार से दोपहर से पहले सडक़ों पर सन्नाटा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 20 अप्रैल
। इस साल राजनांदगांव जिले में गर्मी का मौसम कहर बनकर टूट रहा है। समूचा जिला उबाल मार रहा है। पारा 44 की वजह से मानों शहर में धारा 144 लागू होने जैसे हालात बन गया है।  गर्मी के तीखे तेवर देखकर कफ्र्यू का अहसास हो रहा है।

भीषण गर्मी के कारण हर वर्ग का व्यापार से लेकर निजी कामकाज सिमटा हुआ दिख रहा है। दोपहर से पहले ही सडक़ों में वीरानी छाने से जनजीवन सिमटने के लिए विवश दिख रहा है। जिलें में लू औ गर्म हवाओं की मार से दोपहर से पहले ही सडक़ों में सूनापन दिख रहा है। पिछले तीन-चार दिनोंं के भीतर जिले का तापमान लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि दिन में लोगों की आवाजाही सडक़ों में कुछ घंटों के लिए नजर आ रही है।
दैनिक कामकाज को जल्द खत्म कर लोग घरों में वापस लौट रहे है। शाम 5 बजे के बाद ही सडक़ों का सन्नाटापन टूट रहा है। बताया जा रहा है कि राजस्थान की बढ़ती गर्मी का असर जिले में भी पड़ा है। रेगिस्तान से गर्म हवाओं ने जिलें की मौसम पर प्रतिकूल असर डाला है। गर्म हवाओं की वजह से दोपहर को खुले आसमान में काम करने वाला तबका पस्त हो गया है। बेतहाशा पड़ रही गर्मी इस बार लोगों की सेहत को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है।
 उत्तर-पश्चिम से आ रही गर्म हवाओं को झेलने के लिए लोगों को कई तरह से उपाय करना पड़ रहा है। मौसम विभाग से स्पष्ट तौर पर चेतावनी में कहा है कि भीषण गर्मी से राहत मिलने की फिलहाल अगले कुछ दिनों तक उम्मीद नहीं है। शुष्क मौसम की वजह से सूर्य से मानो आग बरस रहा है। उबाल मारते मौसम ने स्वास्थ्य के लिहाज से भी परेशानी खड़ी कर दी है। छोटे बच्चों को गर्म मौसम ने अपने चपेट में लिया है। अस्पतालों में अति ज्वर और अन्य शारीरिक रोग से परेशान लोगों की कतार दिख रही है। चिकित्सकों ने लोगों को अलर्ट भी किया है।

चिकित्सकों का कहना है कि तापमान बढऩे से शरीर को सीधा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में गर्म हवाओं से बचने के साथ-साथ लोगों को घरों में रहना मुनासिब होगा। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों राजस्थानी मरूस्थलों से गर्म हवाओं की तीव्रता बढ़ी है। इस वजह से विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी पड़ रही है। उत्तर-पश्चिम से आ रही गर्म हवाओं ने राजनांदगांव को प्रदेश का सबसे गर्म शहरों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है।
अप्रैल के दूसरे पखवाड़े की स्थिति को देखकर लोगों में मई-जून की गर्मी को लेकर साफ तौर पर चिंता दिख रही है। मौसम विभाग ने इस साल मानसून के कमजोर होने की संभावना जताई है। ऐसे में भीषण गर्मी से परेशान लोगों को मानसूनी बारिश की कमी का डर भी सता रहा है। इस बीच लोगों को कामकाज से ज्यादा अपनी सेहत की चिंता भी सता रही है। ऐसे में लोग जल्द काम कर दोपहर से पहले घरो का रूख कर रहे है।  


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