राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 2 अप्रैल। जिले के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य शासन के मोर गांव मोर पानी अभियान अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज एवं महिला समूहों की स्थायी आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मनरेगा एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समन्वय से प्रस्तावित पहल नवा तरिया आय के जरिया अभियान के तहत ग्रामीण एवं महिला सीएलएफ से चर्चा कर में कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
यह पहल जल संसाधनों के समुचित प्रबंधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ संकुल स्तरीय महिला समूहों को आजीविका संवर्धन गतिविधियों से सीधे जोडऩे की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। जिले में इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक सीएलएफ के लिए नवीन तालाब निर्माण एवं उससे जुड़ी आजीविका गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है।
इसी क्रम में जनपद पंचायत राजनांदगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरगी के संकुल सुरगी सीएलएफ के साथ एवं जनपद पंचायत छुरिया अंतर्गत कुमरदा संकुल के ग्राम पंचायत घोषाल में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गई। जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत राजनांदगांव मनीष साहू एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत छुरिया होरीलाल साहू उपस्थिति में कार्ययोजना निर्माण एवं स्थल चयन प्रक्रिया को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सीएलएफ की महिला सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।
श्री साहू ने बताया गया कि नवा तरिया आय के जरिया अभियान अंतर्गत तालाब निर्माण कार्य मनरेगा के माध्यम से ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत द्वारा कराया जाएगा, जबकि तालाब का उपयोग अधिकार सीएलएफ को हस्तांतरित किया जाएगा, जिससे महिलाएं तालाब आधारित आजीविका गतिविधियों का सफल संचालन कर सकेंगी। उन्होंने स्थल चयन हेतु क्लैर्ट ऐप एवं रिडज टू वैली कॉन्सेप्ट के उपयोग तथा ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर स्वसहायता समूह की महिलाओं को कार्य स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया पर भी मार्गदर्शन दिया।


