राजनांदगांव

समान नागरिक संहिता कानून संविधान के खिलाफ-कांग्रेस
22-Apr-2026 4:28 PM
समान नागरिक संहिता कानून संविधान के खिलाफ-कांग्रेस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 22 अप्रैल। प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महासचिव आफताब आलम ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि प्रदेश की ज्वलंत समस्याएं महंगाई, बेरोजगारी एवं किसानों की बुनियादी समस्याओं को भटकाने के लिए भाजपा समान नागरिक संहिता कानून को षडयंत्रपूर्वक लागू करने जा रही है।

 भाजपा समान नागरिक संहिता के बहाने आदिवासी प्रथागत कानूनों, कास्तकारी और संथाल परगना कास्तकारी अधिनियम, विल्किंसन नियम, पेसा कानून, 5वीं अनुसूची क्षेत्र के नियमों, आदिवासियों के विवाह और तलाक कानूनों को खत्म करने की साजिश कर रही है। ज्ञात हो कि भारत वर्ष में विभिन्न धर्मों एवं सम्प्रदाय के लोग जुड़े रहते हैं। इन सम्प्रदाय के नियम-कायदों और सामाजिक मान्यताएं और रीति-रिवाजों को रोक पाना संभव नहीं है। ऐसे में हाल ही में पिछले कुछ वर्षों से केंद्र और प्रदेश भाजपा सरकारों द्वारा लगातार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति व अल्पसंख्यक समुदाय को भाजपा द्वारा किसी न किसी रूप से प्रताडि़त कर उन्हें देश में दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने प्रयासरत है। सालों के लंबे संघर्ष और त्याग के बाद दलित, आदिवासी, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा कठिन संघर्ष और जीवन-मरण के बाद संवैधानिक रूप से देश में समानता का अधिकार दिलाया तथा अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को पूर्ण करने का अधिकार दिलाया।

श्री आलम ने कहा कि भाजपा पूर्णरूप से आरक्षण विरोधी है। इसका सबसे पुख्ता उदाहरण यह है कि बेतहाशा निजीकरण को बढ़ावा देना। ज्ञात हो कि आरक्षण समाप्त करने के इरादे से सरकारी उपक्रमों का विलय निजी क्षेत्रों में कर रही है। गौरतलब है कि निजी क्षेत्रों पर आरक्षण की बाध्यता नहीं होती। ऐसे में आरक्षण का मसला अपने आप ही खत्म हो जाएगा। इससे आरक्षित वर्गों की स्थिति पूर्व की तरह हो जाएगी, जहां तक महिला आरक्षण की बात है, तो यह 2023 में ही दोनों सदनों में पास हो चुका है। वर्तमान में जो संसद में 131वां संविधान संशोधन परिसीमन बिल 2026 था, वो गिरा। जिसमें भाजपा अपने शासित राज्यों में ही सीटों की वृद्धि करना चाह रही है। कांग्रेस पार्टी की यह मांग रही है कि जो महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ है, पहले उसी के आधार पर महिला को आरक्षण दिया जाए।


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