राजनांदगांव

जिला कांग्रेस की नई सूची में महिला और आदिवासी वर्ग की अनदेखी
29-Mar-2026 4:26 PM
जिला कांग्रेस की नई सूची में महिला  और आदिवासी वर्ग की अनदेखी

कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लडऩे वालों को संगठन में मिली जगह, शहरी नेताओं को बनाया पदाधिकारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 29 मार्च। जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी में महिला नेत्रियों और आदिवासी वर्ग की अनदेखी से कार्यकारिणी के स्वरूप पर सवाल खड़ा  हो गया है। आदिवासी समुदाय को जिस तरह से संगठन में महत्व नहीं मिला, उससे पार्टी के भीतर कानाफूसी चल रही है।

पार्टी के भीतर कहा जा रहा है कि जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज आदिवासी वर्ग से हैं तो जिले में इस समुदाय को दरकिनार क्यों किया गया। साथ ही गिनती की महिलाओं को कार्यकारिणी में जगह दी गई है। वहीं आदिवासी वर्ग को भी सूची में कम महत्व मिला है। जिलाध्यक्ष विपिन यादव की कार्यकारिणी उस वक्त भी सुर्खियों में आई थी, जब उन्होंने प्रवक्ता के तौर पर अनीस खान की नियुक्ति की थी। खान को पटवारी पद पर रहने के दौरान रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ एंटीकरप्शन ब्यूरो ने धरदबोचा था। वह जेल में भी थे और सरकार ने बाद में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया। इस बीच कार्यकारिणी में कई तरह की खामियां है।

मसलन कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लडऩे वाली रमा देवी वर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। जबकि वह जिला पंचायत चुनाव में बागी होकर कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लडक़र पराजित हुई थी। इसी तरह शहर के नेताओं को जिला कांग्रेस की सूची में जगह दी गई है। जिसमें मन्ना यादव, रज्जू जॉन, रमेश डाकलिया को उपाध्यक्ष बनाया गया है। महामंत्री के पद पर हनी ग्रेवाल की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा अशोक फडऩवीस, हेमू सोनी को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है।

 

 

बताया जा रहा है कि कार्यकारिणी में सचिव मनोनीत किए गए मतीन खान (डोंगरगढ़) की नियुक्ति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन पर भाजपा नेताओं के साथ राजनीतिक संबंध होने की चर्चा है। इधर पूरी सूची में महिलाओं में सुलोचना मारकंडे, सीमा यादव, संध्या साहू व राजकुमारी सिन्हा सभी को सचिव बनाया गया है। कार्यकारिणी सदस्य में एकमात्र महिला  प्रभा साहू की नियुक्ति की गई है।

बताया जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व ने महिलाओं को कम से कम 30 फीसदी राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की नीति बनाई है। जबकि नई सूची में महज 10 फीसदी महिलाओं को ही संगठन में शामिल किया गया है। उधर आदिवासी वर्ग को भी उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से संगठन में असंतोष की स्थिति बन रही है।  जिसमें पूरन नेताम को महामंत्री, मदनलाल मंडावी को कार्यकारिणी सदस्य एवं अन्य को महामंत्री बनाया गया है। इस तरह पूरी सूची में 3 से 4 आदिवासी को जगह दी गई है।

जिलाध्यक्ष का दावा संतुलित  है नई टीम

कांग्रेस जिलाध्यक्ष विपिन यादव ने दावा किया है कि कार्यकारिणी में सभी वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व मिला है। आदिवासी वर्ग एवं महिलाओं की कहीं भी अनदेखी नहीं की गई है। ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा करते श्री यादव ने कहा कि एक और सूची जारी होगी। जिसमें महिलाओं को उचित सम्मान के साथ नियुक्ति  दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को भी सूची में ससम्मान दिया गया है। उन्होंने किसी भी तरह के विवाद को सिरे से खारिज किया।


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