राजनांदगांव

राजगामी संपदा अध्यक्ष के लिए भाजपा में खींचतान
27-Mar-2026 4:14 PM
राजगामी संपदा अध्यक्ष के  लिए भाजपा में खींचतान

वैष्णव समाज को आगे कर विरोध का माहौल बना रहे दिग्गज भाजपा नेता

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 27 मार्च। राजनांदगांव राजगामी संपदा अध्यक्ष पद के लिए जल्द ही नाम की घोषणा की संभावना के बीच भाजपा के कई दिग्गज नेता दावेदारों के खिलाफ विरोध का माहौल बना रहे हैं। इसी के चलते ढ़ाई साल पुरानी विष्णुदेव साय सरकार ने अब तक इस पद के लिए उपयुक्त और काबिल व्यक्ति के नाम की घोषणा नहीं की है।

भाजपा के सांगठनिक नेताओं के अलावा कुछ अन्य पदाधिकारियों ने भी विरोध जताने के लिए वैष्णव समाज को आगे किया है। वैष्णव समाज का दावा है कि इस पद के लिए पहला हक समाज को मिलना चाहिए। वजह यह है कि राजगामी संपदा स्थानीय वैष्णव राजाओं के आधिपत्य में रहा है। राजनांदगांव की सियासत वैष्णव राजा दिग्विजय दास के अधीन रही है। ऐसे में वैष्णव समाज अब इस पद को खुद को बेहतर मान रहा है। इस बीच भाजपा के कई नेता अध्यक्ष बनने के लिए जोड़तोड़ कर रहे हैं।

भाजपा के भीतर कतिपय नेताओं ने अपना दावा कमजोर होता देखकर वैष्णव समाज को आगे किया है। एक खास रणनीति के तहत प्रबल दावेदारों का विरोध करने के लिए सियासी खेल किया जा रहा है। राजगामी संपदा में अध्यक्ष का पद ढ़ाई साल से रिक्त पड़ा हुआ है। जिसके चलते राजगामी संपदा की वसूली और अन्य संपत्तियों से मिलने वाले आय पर भी पड़ा है। भाजपा से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। बताया जा रहा है कि उन्होंने संपदा का अध्यक्ष बनने से साफ इन्कार कर दिया है। वह छत्तीसगढ़ सरकार में भागीदारी चाहते हैं। वह लालबत्ती के लिए जोर लगा रहे हैं।

इस बीच किसान नेता अशोक चौधरी का नाम भी सामने आ रहा है। चौधरी एक सुलझे हुए नेता माने जाते हैं। वह जिला पंचायत उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वह रमन सरकार में खाद्य आयोग के सदस्य भी रहे हैं। वह काफी समय से किसी महत्वपूर्ण पद पर नहीं है। उनके अनुभव और पार्टी के प्रति निष्ठा को देखकर उनका नाम संपदा अध्यक्ष के लिए सामने आया है। संपदा अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही तीन सदस्यों का भी मनोनयन होगा। बताया जा रहा है कि जल्द ही खाली पड़े पद पर पार्टी की ओर से नियुक्ति  की घोषणा होगी।


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