राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 26 मार्च। शहर में बिजली के खंभों को बदलने की चल रही प्रक्रिया को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि केवल खराब और जर्जर खंभों को ही बदला जाए। जबकि जो खंभे अभी भी मजबूत और सुरक्षित हैं, उन्हें यथावत रखा जाए। साथ ही जो पुराने खंभे हैं और जो अच्छे हैं, उसे पेंट कराने की अवश्यकता है। उस पर भी ध्यान दिया जाए।
श्री पिल्ले ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान में शहर के कई वार्डों में ऐसे बिजली के खंभे हटाए जा रहे हैं जो पूरी तरह से ठीक हालत में हैं। इन खंभों में किसी प्रकार की टूट-फूट या खतरे की स्थिति नहीं है, फिर भी उन्हें बदलना समझ से परे है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर सरकारी धन का अपव्यय बताया और कहा कि जब पुराने खंभे उपयोग के योग्य हैं, तो नए खंभे लगाने में खर्च किया जा रहा पैसा जनता के टैक्स का गलत इस्तेमाल है। उन्होंने मांग रखी कि किसी भी खंभे को बदलने से पहले नगर निगम के सक्षम तकनीकी इंजीनियरों द्वारा उसकी गुणवत्ता और मजबूती की जांच करवाई जाए। उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह तय होना चाहिए कि कौन सा खंभा बदलना जरूरी है और कौन सा नहीं।
श्री पिल्ले ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस तकनीकी कारण के खंभों को हटाना उचित नहीं है। उन्होंने निगम आयुक्त से आग्रह किया कि जब तक विशेषज्ञों की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक खंभे बदलने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए। पत्र में यह भी मांग की गई है कि हटाए गए पुराने खंभों की वार्डवार गिनती कराकर उन्हें निगम में जमा कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी से बचा जा सके। अंत में संतोष पिल्ले ने उम्मीद जताई कि निगम प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते जनहित में उचित और त्वरित निर्णय करेगा, ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और अनावश्यक खर्च पर रोक लग सके।


