राजनांदगांव
धान आडंबर के बाद गैस बवंडर प्रशासनिक अराजकता का प्रमाण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 14 मार्च। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने राजनांदगांव जिला के खाद्य एवं खाद्य औषधि प्रशासन विभाग की अराजकता को रेखांकित करते कहा कि ये विभाग सिर्फ वसूली का साम्राज्य स्थापित कर अपराध को बढ़ावा और आम व्यापारियों पर वसूली रूपी कहर बरपा कर उनके व्यवसाय को बर्बाद करने की सुनियोजित साजिश कर रहे हैं।
प्रदेश प्रवक्ता रूपेश दुबे ने सीधे शब्दों में कहा कि एक तरफ प्रशासन गैस की किल्लत नहीं होने का दंभ भर रही है। वहीं दूसरी ओर शहर के होटलों, ढाबों में दबिश देकर व्यवसायियों को चोर साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है, जिस प्रकार से धान खरीदी के समय अवैध धान पकडऩे का आडंबर करना और इस अवैध धान को वैध बताकर छोडऩा अब गैस की जांच के नाम पर एक बवंडर माहौल बना रहे है।
जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन अवमानक पनीर के मामले में मौन साधे बैठी थी, जब रायपुर की टीम ने छापामार कार्रवाई की तो जिला प्रशासन अवमानक पनीर निर्माता के संस्थान को न सील किया और ना ही उनके लाइसेंस को निरस्त किया और तो और खाद के लेवल की संपरीक्षा में उक्त खाद्य को मिथ्या छाप घोषित करने के बाद भी उस पर आपराधिक धारा ना लगाकर उन्हें बचाने मामला एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत कर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले गंभीर अपराध को बचाने का काम किया है। अब जल निर्माता के सप्लाई करने वाले में पैकेट में पैकिंग/निर्माण तिथि, एफएसएसआई लाइसेंस नंबर एवं अन्य अनिवार्य अंकित नहीं होने के बाद भी उस पर कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज न करना खाद्य वस्तुओ पर लापरवाही एवं कोताही से मानव जीवन के लिए खतरनाक है।
अब प्रशासन शायद जनहानि का इंतजार कर वसूली में व्यस्त है, जो प्रशासनिक अराजकता का स्पष्ट प्रमाण है।


