राजनांदगांव
सडक़ों में नहीं थम रही घटनाएं, पुलिस की कोशिशें बेकार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 11 फरवरी। राजनांदगांव जिलें में फरवरी के पहले सप्ताह में हुए सडक़ हादसों में तकरीबन 9 की बेसमय मौत हुई। बढ़ते हादसों से पुलिस के लिए चुनौती बन गई है।
फरवरी का पहला सप्ताह हादसों की लिहाजा से कई परिवार के लिए दर्दनाक साबित हुआ है। वही पिछले 48 घंटे के भीतर हुई दुर्घटनाओं ने मौत की संख्या को बढ़ाया है। दो दिन पहले यानी सोमवार को तुमड़ीबोड़ में एक तेज रफ्तार बाइक सीधे बिजली खंभे से टकरा गई। इस घटना में झिटिया-बांकली के 28 साल के युवा सुभाष नांरग की मौत हो गई। इसी तरह सोमवार शाम को सुरगी इलाके में एक मोपेड़ में सवार युवती को कार ने कुचल दिया। इस घटना में अर्जुंदा की रहने वाली 18 साल की रूपा बंजारे की अस्पताल में मौत हो गई। इससे पहले बीते शनिवार को टेड़ेसरा इलाके के फूलझर में हुए एक भीषण सडक़ हादसे में दुर्ग के थनौद के रहने वाले सूरज यादव की दो भांजे समेत मौत हो गई थी। इस घटना में तेज रफ्तार बाइक ने एक ट्रक को पीछे से टक्कर मारी। घटना में तीनों की बेसमय मौत हो गई।
उधर सुकुलदैहान पुलिस चौकी के अधीन रेंगाकठेरा में दो बाईक की आपसी भिंड़त में दो युवाओं को जान गंवानी पड़ी। इस तरह फरवरी का पहला सप्ताह हादसों की वजह से जानलेवा साबित हुआ।
बताया जाता है कि पुलिस की तेज गति में बाइक और वाहन चलाने की समझाईश बेअसर साबित हो रही है। युवाओं में फर्राटा भरने की ख्वाहिश से भी हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। मानपुर में भी युवक की मौत
मोहला-मानपुर जिलें के ढब्बा सडक़ में एक हाईवा से टकराने से एक युवक की मौत हो गई।
मृतक मानपुर का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले मानपुर के 33 वर्षीय अनिल रावटे बाइक से ढब्बा मार्ग की ओर से जा रहा था। उसी दौरान बिना संकेतक खड़ी एक हाईवा से बाइक की टक्कर हो गई। इस घटना में युवक बुरी तरह से जख्मी हो गया। घायल स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। मानपुर पुलिस घटना की जांच कर रही है।
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साल के दूसरे माह में हादसों की झड़ी नए साल में पुलिस ने हादसों में गिरावट आने की संभावना के साथ बेहतर यातायात व्यवस्था पर जोर देने की दिशा में काम शुरू किया है। नववर्ष के शुरूआत में पुलिस ने एक माह तक यातायात माह का आयोजन किया। लेकिन फरवरी का पहला सप्ताह हादसों में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को मौत के रास्ते ले गया। चिंताजनक बात यह है कि हादसों में सर्वाधिक मौतें ग्रामीण क्षेत्रों से हो रही है।
साल 2025 में 431 सडक़ हादसे में 207 लोगों की मौत हुई।
मृतकों में 112 ग्रामीणों की हादसें से जान गई थी। साल के दूसरे माह में हादसों की झड़ी लगने से यातायात व्यवस्था के पुख्ता नही होना भी चिंता का विषय बन गया है।


