राजनांदगांव
पूर्व में 3 म्यूल खाता धारक भेजे गए जेल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 23 जनवरी। फरार एक म्यूल खाता धारक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूर्व में तीन म्यूल खाता धारकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। साइबर ठगी एवं अन्य आपराधिक स्रोतों से प्राप्त राशि के हेरफेर का पुलिस ने खुलासा किया।
मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस को साइबर धोखाधड़ी से संबंधित इनपुट प्राप्त हुआ। सूचना के त्वरित परीक्षण एवं विश्लेषण के उपरांत पाया गया कि ऑनलाइन साइबर फ्रॉड से अर्जित करोड़ों रुपए की राशि विभिन्न म्युल खातों के माध्यम से स्थानांतरित की जा रही है।
जांच के दौरान यह सामने आया कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा खैरागढ़ के तीन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि जमा की गई थी। यज्ञदत्त यादव 29 वर्ष निवासी खजरी घुमका, भोजराज वर्मा 29 वर्ष एवं नारद रजक 28 वर्ष निवासी नवागांवकला खैरागढ़ जिला शामिल है। उपरोक्त खातों में कुल 8 करोड़ 65 लाख 16 हजार 376 रुपए का संदिग्ध लेनदेन पाया गया। जिससे यह प्रमाणित हुआ कि आरोपियों द्वारा अपने बैंक खातों का उपयोग अवैध धन के हेरफेर के लिए किया गया।
इस संबंध में थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 519/25, धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2)(ए) भा.न्याय.स. एवं 66-डी आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की सतत निगरानी एवं तलाश की गई। मुखबिर की सूचना पर विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर उक्त तीनों म्युल खाता धारकों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने साइबर ठगी से प्राप्त राशि के हेरफेर में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। जिसके पश्चात 15 नवंबर 2025 को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रकरण में एक अन्य आरोपी चुरेन्द्र वर्मा निवासी खजरी थाना घुमका की भी संलिप्तता है। आरोपी अपने सहयोगियों की गिरफ्तारी के पश्चात से फरार था तथा नाम-पता बदलकर रायपुर में छिपकर रह रहा था। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसमें आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने एवं अपराध साक्ष्य पाए जाने पर विधिवत कार्रवाई कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। प्रकरण में अन्य संलिप्त आरोपियों की भूमिका के संबंध में विवेचना जारी है।


