राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 23 जनवरी। राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों, प्रशासनिक असंवेदनशीलता और किसानों के अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव के अध्यक्ष विपिन यादव के नेतृत्व में कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें राज्य सरकार को जनहित में आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई। ज्ञापन में किसान, मजदूर और आम जनता से जुड़े ज्वलंत विषयों को मजबूती से रखा गया और तत्काल हस्तक्षेप की अपील की गई।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विपिन यादव ने ज्ञापन में उल्लेखित प्रत्येक विषय पर कलेक्टर से विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी कानूनी रोजगार गारंटी योजना को कमजोर करना ग्रामीण भारत के अस्तित्व पर सीधा प्रहार है। ग्रामसभा और ग्राम पंचायतों की शक्तियों को सीमित कर लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की आत्मा को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। धान खरीदी के संबंध में चर्चा के दौरान कलेक्टर ने प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी देते समस्याओं के निराकरण की दिशा में कार्य करने का आश्वासन दिया। विपिन ने कहा कि समय पर अनेक किसानों को टोकन प्राप्त नहीं होने के कारण वे धान विक्रय करने से वंचित हो रहे हैं, जो गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि धान खरीदी की समय-सीमा को तत्काल बढ़ाया जाए।
उन्होंने धान विक्रय हेतु टोकन प्राप्त किसानों के घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन के नाम पर प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा छापेमारी किए जाने को अत्यंत शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसानों को संदेह के दायरे में खड़ा करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा कृत्य है। जिसका कांग्रेस पार्टी पुरज़ोर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि महंगी बिजली दरों से आम जनता बुरी तरह परेशान है। बढ़ते बिजली बिलों ने गरीब, मध्यम वर्ग, किसान और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट नि:शुल्क बिजली योजना को तत्काल लागू कर जनता को वास्तविक राहत दी जाए।
उन्होंने कहा कि खाद की दर में बढ़ोतरी को रोका जाए और सस्ते दरों पर किसानों को खाद उपलब्ध कराया जाए, ताकि कृषि लागत में सुधार हो और किसान आर्थिक संकट से उबर सके। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना पड़े, यह किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए शर्मनाक है। राज्य सरकार को किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि वर्तमान संकट नीतिगत लापरवाही और प्रशासनिक विफलताओं का परिणाम है। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधायक छन्नी साहू समेत दीपक दुबे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार, पूर्व जिला अध्यक्ष पद्म कोठारी एवं भागवत साहू, रमेश डाकलिया, अंगेश्वर देशमुख, थानेश्वर पाटिला, राहुल तिवारी, रितेश जैन, ललित कुमरे, टिकेश्वर, धर्मेन्द्र साहू, हरीश भंडारी, चुम्मन साहू, शिशुपाल भारती, नरेश करसे, जितेंद्र भाटिया, रामजी तराने, विपत साहू, डोमार साहू, परसराम साहू, शिवकुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


