राजनांदगांव

सडक़ दुर्घटना में साल भर में 166 मौतें
27-Dec-2023 2:47 PM
सडक़ दुर्घटना में साल भर में 166 मौतें

गुजरे तीन साल में 555 ने गंवाई जान, 1197 घायल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 27 दिसंबर।
सडक़ों में तेज रफ्तार से दौड़ रही वाहनों की आपसी भिड़ंत से जानलेवा मामलों में साल-दर-साल वृद्धि हो रही है। मौजूदा साल भी सडक़ हादसों के चलते असमय लोगों की मौत का कारण बना। पिछले तीन सालों में सडक़ हादसा चरम पर पहुंच गया है। गुजरे तीन वर्षों में 555 लोगों की हादसों में जान चली गई। वहीं 1197 लोग बुरी तरह से सडक़ हादसे में जख्मी हुए हैं। 

साल 2023 का पूरा साल हादसों के लिहाज से खतरनाक रहा। इस साल 166 ने अपनी जान सडक़ हादसे में गंवा दी। इसी तरह 2021 में 199 और 2022 में 190 लोग सडक़ हादसे में मौत के काल में समां गए। ट्रैफिक पुलिस के लिए तेज रफ्तार बाइक और ट्रकों की रफ्तार को कम करने की कठिन चुनौती खड़ी है। 

पुलिस की लाख समझाईश के बावजूद सडक़ में अंधाधुंध वाहन चलाने का क्रेज भी असमय लोगों की मौत का कारण बन रहा है। ऐसा नहीं है कि पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है। समय-समय पर पुलिस जनजागरूकता कार्यक्रम के जरिये लोगों को सडक़ हादसों को लेकर सचेत भी कर रही है। हालांकि पुलिस की कोशिशें नाकाम साबित हो रही है। 

एक जानकारी के मुताबिक गुजरे तीन साल में सडक़ दुर्घटना की संख्या बढ़ गई है। ये हादसे ऐसे समय हो रहे हैं, जब पुलिस की चालानी कार्रवाई भी तेज गति से चल रही है। चौक-चौराहों में पुलिस जवान तीन सवारी वाहन और अनियंत्रित तरीके से वाहन चलाने वालों पर सख्ती बरत रही है। इसके बावजूद जानलेवा हादसों में कमी नहीं आ रही है। पुलिस ने इस साल 2023 में 16 हजार 186 प्रकरण में 72 लाख 4 हजार 400 रुपए वसूले। 

इसी तरह 2021 में 10 हजार 953 प्रकरण में 24 लाख 98 हजार 300 रुपए और 2022 में 13035 प्रकरण के एवज में 41 लाख 19 हजार सौ रुपए का शुल्क लिया। पिछले तीन साल में सर्वाधिक शुल्क मौजूदा साल में यातायात विभाग ने वसूला है। यातायात महकमे ने वाहनवार चालानी कार्रवाई की। जिसमें 2023 में 5 हजार 27 ट्रक, 170 टैम्पो, 521 जीप अथवा कार, 1605 छोटे मालवाहक, 451 मेटाडोर, 8371 मोटर साइकिल तथा 41 अन्य वाहन को मिलाकर कुल 16 हजार 186 वाहनों के विरूद्ध चालानी कार्रवाई की है। 

साल 2021 में 10 हजार 953 और 2022 में 13035 वाहन को नियम विरूद्ध सडक़ में दौड़ाने पर कार्रवाई की है। इस तरह पुलिस ने तीन साल में 40 हजार 371 वाहनों पर सख्ती बरतते हुए कड़ी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि सडक़ह दादसों में कमी लाने के लिए पुलिस भरसक कोशिश कर रही है। साल के आखिरी में पुलिस ने आंकड़ा जारी किया है। इन आंकड़ों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि तेज गति में वाहन चालानी के दौरान लोगों की जान जा रही है। पुलिस की लाख समझाईश की परवाह नहीं करने के चलते भी सडक़ हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। 
 


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