राजनांदगांव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 14 नवंबर। राजनांदगांव शहर की फिजां बदल रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप शहरी परिदृश्य में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नगर पालिक निगम द्वारा किए जा सघन पौधरोपण की कोशिश रंग ला रही है।
जगह-जगह सडक़ के किनारे एवं फ्लाईओवर के नीचे, डिवाइडर के बीच, खुशनुमा गुलमोहर, कचनार, मधुकामिनी, मौलश्री, पीपल, आंवला, चंपा, जामुन, बादाम, सीसम, नीम, करंज, पीपल, बरगद, बेल, ट्रीबेलिया, पाम, गोल्डन बांस, कपास, लेग्रोमेरिसा, अलाटा, फोरटाईल, महामुनी, कदम, इस्कोथोडिया, पेल्ट्रापाम, कबासा टिकोमा, अर्जुन, कपास, लेग्नोमेसिया, फोरटाईल, एलोमुंडा, ट्रेव्लस पाम्प जैसे पौधों की मोहक छंटा बिखरी हुई है। हरी-भरी धरती की संकल्पना साकार हो रही है। शहर की हरियाली ऐसी की दिल जुड़ा जाता है। उस वक्त प्रख्यात शायर निदा फाजली की यह पंक्तिया बरबस ही याद आती है।
कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने नगरवासियों से वर्षा ऋतु के समय वृक्षारोपण का आव्हान किया था। उन्होंने विशेषकर मुनगा एवं फलदार व छायादार पौधे लगाने का आग्रह किया है। नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि पौधों को पानी देने की समुचित व्यवस्था की गई है और देखभाल की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से शहर भर में लगभग 34 हजार पौधे लगाए गए हैं। गौरतलब है कि विगत 3 वर्षों में पौधरोपण की दिशा में विशेष कार्य किए गए हैं। रानीसागर तथा बूढ़ासागर के पास नेहरू उद्यान, त्रिवेणी परिसर, बर्ड पार्क तथा बर्थडे पार्क में भी पौधे लगाए गए है। रानीसागर के समीप बर्ड पार्क में इन वृक्षों से पक्षियों को आशियाना मिला है।
इन उद्यानों में सुबह-शाम पक्षियों के कलरव से चहल-पहल रहती है। जागरूकता के इस अभियान में मीडिया का योगदान रहा। पीपल, बरगद जैसे छायादार पौधे लगाने की निरंतर अपील की गई। सबकी सहभागिता से राजनांदगांव शहर हरियाली की ओर अग्रसर है।