राजनांदगांव
सरकार पर बरसते भाजपाईयों ने कहा एक पक्षीय कार्रवाई से हुए साम्प्रदायिक दंगे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 9 अक्टूबर। कवर्धा में हुए साम्प्रदायिक दंगे के बाद भाजपा नेताओं के आपराधिक मामला दर्ज होने के विरोध में शनिवार को राजनांदगांव भाजपा नेता एक दिवसीय धरना देते राज्य सरकार पर दंगा भडक़ाने का आरोप लगाया है।
स्थानीय इमाम चौक में आयोजित एक दिनी धरना कार्यक्रम में कवर्धा को हिंसाग्रस्त बनाए जाने की तीखी आलोचना करते अलग-अलग प्रमुख नेताओं ने कहा कि भाजपा नेताओं को दंगे में शामिल होने के आरोप में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। जबकि शुरूआत से ही राज्य सरकार और प्रशासन की नाकामी से दंगा होने के तथ्य सामने आए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि एक वर्ग पर कार्रवाई कर पुलिस ने दूसरे वर्ग को ढ़ील दी। जिसके चलते स्वस्फूर्त भीड़ आई और हिंसा छिड़ गई। धरना को संबोधित करते भाजपा जिलाध्यक्ष मधुसूदन यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस घटना के लिए सीधे जिम्मेदार है। हिंसा को रोकने में प्रशासन और राज्य सरकार ने लापरवाही बरती। जिसके चलते कवर्धा में एक साम्प्रदायिक तनाव का माहौल बन गया।
जिलाध्यक्ष यादव ने कहा कि शुरूआत में ही पुलिस द्वारा सामान्य नीति के तहत दोनों पक्षों पर कार्रवाई होती तो दंगे होने की संभावना नहीं होती। इससे पहले ईमाम चौक में सभी प्रमुख नेताओं ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए हादसे की जिम्मेदारी लेने और भाजपा नेताओं के विरूद्ध दर्ज मामले को तत्काल वापस लेने की मांग की। धरना में वरिष्ठ नेता लीलाराम भोजवानी, सचिन बघेल, दिनेश गांधी, तरूण लहरवानी, आलोक श्रोती, किशुन यदु, मोनू बहादुर सिंह, गीता साहू, सुरेश डेकाटे, राजू वर्मा, अनुरेझ झा, पूर्णिमा साहू, मधु बैद, किरण साहू, अतुल रायजादा, प्रखर श्रीवास्तव, सुमित भाटिया समेत अन्य लोग उपस्थित थे।


