राजनांदगांव
मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए लग रही लंबी कतारें
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 9 अक्टूबर। पिछले तीन नवरात्रि से कोरोना पाबंदी के चलते बंद रहे मां बम्लेश्वरी के पट मौजूदा शारदीय नवरात्रि पर खुलते ही दर्शनार्थियों की संख्या एक लाख तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले तीन दिनों का है। मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति का कहना है कि तीन दिनों के भीतर अनुमानित एक लाख श्रद्धालुओं ने मां के दर पर शीश झुकाया है। हालांकि हेड काउंटिंग मशीन के खराब होने के कारण अधिकृत आंकड़े ट्रस्ट के पास नहीं है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण अग्रवाल ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि तकरीबन एक लाख दर्शनार्थियों ने गुजरे तीन दिन में दर्शन किए हैं। अगले तीन-चार दिनों में और भी संख्या बढ़ेगी। कोरोना पाबंदी के कारण लगभग डेढ़ साल बाद श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति मिली है। दर्शन के लिए कोविड-19 के शर्तों को भी सख्ती से लागू किया गया है। ट्रेन यात्रियों के लिए स्टेशन परिसर में ही कोरोना जांच की जा रही है। वहीं रोपवे से उपर जाने के दौरान भी कोविड नियमों का पालन किया जा रहा है। सैनेटाईजर और मास्क श्रद्धालुओं को अनिवार्य किया गया है। मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पड़ोसी राज्य से भी लोग भी पहुंच रहे हैं।
एक जानकारी के मुताबिक बाहरी श्रद्धालुओं की और भी कड़ाई से जांच की जा रही है। उधर महीनों बाद दर्शन में मिली छूट से व्यापारियों को भी कमाई करने का अवसर मिला है। पहाड़ी के नीचे स्थित कई प्रसाद कारोबारी इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। नारियर और मां की चुनरी बेचने के साथ-साथ बाहरी लोगों के ठहरने और गाडिय़ों की पार्किंग के जरिये कारोबारी कमाई कर रहे हैं। मां बम्लेश्वरी के ऊपर स्थित मंदिर में भी डेढ़ साल बाद सन्नाटा अब टूट गया है। जबकि नीचे स्थित मंदिर में नवरात्रि के दौरान पूजा-अर्चना और दर्शन सीमित संख्या में होती रही है। उधर तीन दिन के अंदर एक लाख श्रद्धालुओं के माथा टेकने से ट्रस्ट और पुजारी भी उत्साहित हैं। सीढिय़ों से ऊपर जाने वाले श्रद्धालुओं की भी संख्या है। परिवार समेत लोग कोविड-19 नियमों का पालन कर दर्शन कर लौट रहे हैं। इस बीच मां बम्लेश्वरी की दर्शन व्यवस्था के लिए पुलिस की चाकचौबंद व्यवस्था की गई है। एसपी डी श्रवण लगातार मंदिर परिसर का मुआयना करने के लिए रोज पहुंच रहे हैं। वहीं वीआईपी प्रवास का भी पुलिस ने बेहतर बंदोबस्त किया है।
एक्का-दुक्का पदयात्री भी सडक़ में
मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए एक्का-दुक्का पदयात्री भी दिखाई पड़ रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने पदयात्रा पर रोक लगा रखी है। जानकारी के अभाव में पदयात्रा पर निकले श्रद्धालु उत्साह के साथ सडक़ में जयकारा करते डोंगरगढ़ कूच कर रहे हैं। इसी तरह धमतरी के कुरूद के गौरव कुंभकार और विराज किशोर साहू 7 अक्टूबर से डोंगरगढ़ के लिए घर से रवाना हुए। शानिवार 9 अक्टूबर को मातारानी का दर्शन करने के लिए वह अन्य साथियों के साथ आगे बढ़े। पदयात्रियों का कहना है कि कोरोनाकाल की वजह से दर्शन नहीं हो पाया। इस नवरात्र दर्शन की अभिलाषा लेकर सभी डोंगरगढ़ जा रहे हैं।


