रायपुर
18-19 को होगा दौरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 जून। स्व.अजीत जोगी कार्यकाल से छत्तीसगढ़ में सफलता से चल रही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था ने देश के राज्यों का ध्यान आकर्षित किया है। यह व्यवस्था जोगी सरकार ने ही 2001-02 से लागू की थी।
इस सिलसिले में पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार के नौ विधायक, विधान परिषद सदस्य और दो अधिकारी योजना के अध्ययन के लिए रायपुर आ रहे हैं। यह दल 18-19 जून को रायपुर प्रवास पर होगा। इनकी आवासीय व्यवस्था न्यू सर्किट हाउस में रहेगी। डा परिचय फूके दल के अध्यक्ष, प्रवीण दरेकर, अभिजीत बंजारे, राजेश राठोड़ सभी विधान परिषद सदस्य हैं ?। इनके अलावा विधायक विनोद अग्रवाल,संजय पुराम,राजू कारेमोरे,विजय रहांगडाले, नरेंद्र भोंडेकर भी शामिल हैं। इन्हें छत्तीसगढ़ में खाद्य उप सचिव पूरी योजना की ब्रीफिंग करेंगे।
बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष के बजट सत्र में महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा में हुई आधे घंटे की चर्चा में छत्तीसगढ़ की एमएसपी खरीद व्यवस्था का अध्ययन करने का आश्वासन दिया था। महाराष्ट्र में
वहां किसान संगठन यह मांग कर रहे हैं कि राज्य में तुअर (अरहर), चना, सोयाबीन, कपास प्याज और अन्य बल्क क्राप पर किसानों को अक्सर बाजार में कम कीमतों का सामना करना पड़ता है। सोयाबीन और प्याज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और नुकसान की भरपाई के लिए विशेष एमएसपी/बोनस की मांग प्रमुख है। महाराष्ट्र के चीनी मिल संचालकों ने केंद्र सरकार से गन्ने की लागत को देखते हुए चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की भी मांग कर रहे हैं। वहां सरकार अभी मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस ) के तहत चने की खरीदी करती है। इसके इतर किसान संगठनों का कहना है कि केवल एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को इसे कानूनी दर्जा देना चाहिए ताकि निजी व्यापारियों द्वारा भी एमएसपी से कम दाम पर फसल खरीदना दंडनीय अपराध हो।


